Google-Youtube से सीखा हत्या का तरीका, फिर लोहगढ़ किले पर की रिहर्सल! ऐसे तैयार हुई केतन के मर्डर की स्क्रिप्ट
Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच हर दिन नए मोड़ ले रही है। पुलिस की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े कई नए दावे सामने आ रहे हैं। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई दिनों तक कथित तैयारी की गई थी। पुलिस को शक है कि वारदात से पहले आरोपी कई बार अपनी योजना पर काम करते रहे।
जांच में यह भी दावा किया जा रहा है कि 18 जून की घटना से पहले 14 जून को भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई थी। वहीं, पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल और अन्य सबूतों की मदद से पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस बीच परिवार भी लगातार न्याय की मांग कर रहा है और मामले में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है।

वारदात से पहले हुई थी तैयारी!
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 14 जून से चार-पांच दिन पहले मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी एक दूसरे स्थान पर मिले थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि वहीं पर दोनों ने इस बात पर चर्चा की कि लोहगढ़ किले पर केतन को किस तरह धक्का दिया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि दोनों पहले से किले के अलग-अलग हिस्सों की जानकारी जुटा चुके थे। इसी आधार पर कथित तौर पर ऐसी जगह चुनी गई, जहां घटना को अंजाम देना आसान हो सके।

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गूगल और यूट्यूब पर तलाशे तरीके!
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने इंटरनेट का इस्तेमाल किया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि गूगल और यूट्यूब पर किसी व्यक्ति की हत्या करने के अलग-अलग तरीके खोजे गए। कई विकल्प देखने के बाद कथित तौर पर यह तय किया गया कि ऊंचाई से धक्का देना सबसे आसान रहेगा। फिलहाल पुलिस इन डिजिटल गतिविधियों की फोरेंसिक जांच भी कर रही है।

दिवाली में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस जांच के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी की पहली मुलाकात पिछले साल दिवाली के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी। वहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई और बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियों का कहना है कि मार्केट यार्ड में होने वाले क्रिकेट मैचों के दौरान भी दोनों साथ दिखाई दिए थे। पुलिस को यह भी संदेह है कि सिया का भाई साहिल गोयल दोनों के रिश्ते की जानकारी रखता था। हालांकि इस पहलू की जांच अभी जारी है।
फरवरी में सगाई, नवंबर में तय थी शादी
इसी दौरान पारिवारिक पहचान के जरिए केतन अग्रवाल और सिया गोयल का रिश्ता तय हुआ। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में शादी होनी थी। पुलिस का कहना है कि सगाई के बाद कुछ समय तक सिया ने चेतन से दूरी बना ली थी, लेकिन बाद में दोनों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो गई।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सिया शादी को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थी। हालांकि सगाई हो जाने के बाद उसे रिश्ता खत्म करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसने अपनी परेशानी चेतन चौधरी से साझा की। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
ऐसे बनाई गई पूरी योजना!
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात से पहले हर छोटी बात पर कथित तौर पर चर्चा की गई थी। इसमें यह तय किया गया कि लोहगढ़ किले पर कौन कहां खड़ा रहेगा, चेतन किस दिशा से आएगा और किस समय केतन को धक्का दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सिया पहले भी केतन के साथ लोहगढ़ किला जा चुकी थी। इसलिए उसे वहां के रास्तों और जगहों की अच्छी जानकारी थी। जांच एजेंसियां अब इस कथित रिहर्सल और घटनास्थल से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही हैं।
शादी की तैयारियों में भी थी शामिल
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मार्च और अप्रैल में सिया शादी की तैयारियों में सक्रिय रूप से शामिल रही। इस दौरान फोटोशूट हुए, परिवारों के बीच कई कार्यक्रम हुए और उपहारों का भी आदान-प्रदान हुआ। हालांकि पुलिस का दावा है कि शादी को लेकर उसकी नाराजगी खत्म नहीं हुई थी। बाद में चेतन के दोबारा संपर्क में आने के बाद कथित साजिश को अंतिम रूप दिया गया।

सबूतों की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
फिलहाल जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल डेटा और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से पूरी घटना की टाइमलाइन तैयार कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित योजना कब बनी, कैसे आगे बढ़ी और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।
केतन के लिए निकला कैंडल मार्च
शनिवार को गहुंजे स्थित बेलमोंडो सोसाइटी में केतन अग्रवाल को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें परिवार, रिश्तेदार, दोस्त और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार के सदस्यों ने इस दौरान भावुक होकर अपनी बात रखी।
परिवार ने उठाए कई सवाल
केतन के एक परिजन ने कहा कि जब सिया गोयल का परिवार शादी का प्रस्ताव लेकर आया था, तब उनकी तरफ से कोई बात नहीं छिपाई गई थी। उन्होंने कहा कि अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो शुरुआत में ही साफ मना कर सकती थी। परिजन का कहना था कि वह लंबे समय तक केतन के साथ घूमती रही, बाहर जाती रही और कभी भी इस रिश्ते पर आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते इंकार कर दिया जाता तो आज उनका बेटा जिंदा होता। परिवार ने सरकार से केवल न्याय की मांग की।

दादा ने परिवार की भूमिका की जांच की मांग की
केतन के दादा देविचंद अग्रवाल भी कैंडल मार्च में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिस परिवार पर भरोसा था, उसी ने उनका विश्वास तोड़ा। उनका आरोप है कि सिया पर शादी का दबाव उसके परिवार की ओर से बनाया गया होगा। उन्होंने मांग की कि पुलिस केवल दोनों आरोपियों ही नहीं, बल्कि इस पूरे मामले से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच करे। उन्होंने दोनों मुख्य आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग भी की।
माता-पिता और भाई से हुई लंबी पूछताछ
जांच के दौरान पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता और उसके भाई से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे मामले की जानकारी किसी और को भी थी या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका रही है।
मां ने भी दोहराई न्याय की मांग
केतन की मां ने कहा कि उनके बेटे को न्याय तभी मिलेगा, जब जांच में सामने आने वाले हर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी और की भूमिका भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग दोहराई।
पिता ने गवाहों से की आगे आने की अपील
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका परिवार किसी तरह का मुआवजा नहीं चाहता। उनकी केवल एक मांग है कि बेटे को न्याय मिले। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन लोहगढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन अभी तक कई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आए हैं। उन्होंने अपील की कि जिसने भी घटना देखी है, वह पुलिस की जांच में सहयोग करे। उनका कहना है कि गवाही देने वालों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मिला भरोसा
विशाल अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार को निष्पक्ष और तेज जांच का भरोसा दिया है। परिवार की मांग पर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला लिया गया है। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को सरकारी पक्ष का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है।
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