'सिर कुचला हुआ था', केतन मर्डर केस में रेस्क्यू टीम का अब बड़ा खुलासा, सिया गोयल की इस हरकत को देख सब थे हैरान
पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन ऐसे खौफनाक खुलासे हो रहे हैं, जो किसी भी थ्रिलर फिल्म की कहानी को पीछे छोड़ दें। लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेलकर की गई केतन की हत्या के मामले में अब रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बेहद सनसनीखेज दावा किया है।
केतन के शव को खाई से बाहर निकालने वाले रेस्क्यू टीम के सुनील गायकवाड़ ने बताया कि यह कोई साधारण हादसा नहीं था। जब केतन की बॉडी मिली, तो उनके सिर पर बहुत गहरे जख्म थे और खोपड़ी पूरी तरह कुचली हुई थी। हाथ-पैरों पर भी बेरहमी से लगी चोटों के निशान थे। मतलब उसके शरीर का शायद ही पार्ट सही से हो।

सुनील गायकवाड़ ने उस वक्त के मंजर को याद करते हुए एक ऐसी बात बताई जो आरोपी मंगेतर सिया गोयल के ठंडे दिमाग और क्रूर इरादों को साफ बयां करती है। सुनील के मुताबिक, मौके पर मौजूद बाकी लोग बदहवास होकर रो रहे थे और मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, लेकिन केतन की मंगेतर सिया वहां बिल्कुल शांत खड़ी थी और नजरों से सब कुछ देख रही थी। उसके चेहरे पर अपने होने वाले पति को खोने का रत्ती भर भी गम नहीं दिख रहा था।
'केतन जिंदा है' सुनते ही उड़ गए थे सिया के होश, ऐसे गहराया परिवार का शक
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि वारदात वाले दिन यानी 18 जून को ही उन्हें सिया की हरकतों पर गहरा संदेह हो गया था। जब सिया की मां पूजा गोयल का फोन आया कि केतन किले से गिर गया है, तो अग्रवाल परिवार तुरंत मौके पर भागा।
वहां राहत काम के दौरान जब एक महिला पुलिसकर्मी ने चिल्लाकर कहा कि केतन की सांसें अभी चल रही हैं और उसे फौरन अस्पताल ले जाना होगा, तो यह बात सुनते ही सिया के चेहरे के हाव-भाव एकदम बदल गए। वह बुरी तरह असहज हो गई, मानो उसका पूरा प्लान चौपट होने वाला हो। जब केतन को बाहर निकाला गया, तो उसका मुंह कपड़े से बंधा हुआ था।

इसके बाद परिवार का शक तीन बड़ी वजहों से यकीन में बदल गया।
- पहला जब केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वे दोनों किले के उस आखिरी खतरनाक कोने तक कैसे पहुंचे और केतन कैसे गिरा, तो उसने मुंह सिल लिया।
- दूसरा अगले दिन जब सिया केतन के घर पहुंची, तो परिवार ने फिर पूछा कि भाई का कौन सा पैर फिसला था? इस पर सिया कुछ बोल पाती, उससे पहले ही सगाई कराने वाली उसकी बुआ "तू चल-चल" कहकर उसे वहां से जबरन खींच ले गईं।
- तीसरा परिवार ने जब अपनी सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज देखे, तो दंग रह गए। घर लौटते समय कार में बैठी सिया के चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही उसकी आंखों में आंसू थे।

2000 कॉल्स और 338 घंटे का वो खौफनाक राज
पुणे ग्रामीण पुलिस ने जब इस मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो सबसे बड़ा सुराग दोनों के मोबाइल रिकॉर्ड से मिला। पुलिस कस्टडी में मौजूद सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गिरफ्तारी से पहले अपने फोन के सारे चैट्स डिलीट कर दिए थे और रीसायकल बिन भी साफ कर दिया था। अब इस डेटा को रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
भले ही उन्होंने चैट मिटा दी, लेकिन कॉल डिटेल्स (CDR) ने पूरा भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि जनवरी से लेकर 18 जून की सुबह 7 बजे तक (कत्ल के कुछ घंटे पहले तक) सिया ने एक खास नंबर पर 2,004 बार कॉल की थी। दोनों के बीच करीब 338 घंटे बातचीत हुई थी, यानी वे रोज औसतन 11 बार फोन पर बात करते थे और करीब 2 घंटे चैटिंग या कॉलिंग में बिताते थे। यह नंबर पुणे के ही एक रसूखदार व्यापारी के बेटे चेतन चौधरी का था, जिसका घर ठीक उसी इलाके में है जहां सिया के पिता का ऑफिस है।

विग और हकलाने का बहाना या कोई और वजह?
पुलिस पूछताछ में सिया ने दावा किया कि केतन सिर पर विग लगाता था और थोड़ा हकलाकर बोलता था, जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं था। इसी वजह से वह इस शादी को तोड़ना चाहती थी। हालांकि केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इसे कोरा झूठ बताया है। उनका कहना है कि केतन को मेडिकल वजहों से एक छोटा सा हेयर पैच लगाना पड़ता था और यह बात रिश्ता पक्का होने से बहुत पहले ही गोयल परिवार को बता दी गई थी।
केतन को सिया के अफेयर की भनक नहीं थी, बस कई बार उसका फोन बिजी आने पर उसने अपने परिवार से पूछा था कि क्या लड़की के बारे में पूरी तरह छानबीन कर ली गई है।
इस पूरे मामले पर सिया के माता-पिता के विरोधाभासी बयान सामने आए हैं।
- पिता प्रवीण गोयल का दावा: सिया ने खुद जिद करके केतन से अपना रिश्ता तय करवाया था। दोनों में बहुत प्यार था और एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने उनके घर आ गया था। 18 जून को भी केतन ही उसे फोन कर कार से किले पर ले गया था।
- मां पूजा गोयल का स्टैंड: मेरी बेटी इस शादी से बहुत खुश थी और सगाई के बाद दिन-भर केतन से ही बात करती थी। हमें चेतन के बारे में कुछ नहीं पता था। लेकिन अगर मेरी बेटी इस कत्ल में शामिल है, तो उसे भी सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उसे भी उसी खाई में नीचे फेंक देना चाहिए जहां से केतन को गिराया गया।

केतन अग्रवाल कत्ल की पूरी टाइमलाइन: जब मौत के जाल में फंसाया
- 31 मई: केतन को ट्रेकिंग का बेहद शौक था। वह सिया को घुमाने लोहागढ़ किला ले गया। वहां सबसे ऊंची चोटी के खतरनाक किनारे पर बैठे केतन को देखकर सिया के दिमाग में पहली बार उसे खाई में धक्का देने का आइडिया आया।
- 5-6 जून: सिया ने दोबारा किले पर जाने की जिद की पर घरवालों ने मना कर दिया। इसके बाद 6 जून को केतन, उसकी बहन और सिया का बाली (इंडोनेशिया) जाने का प्लान था। सिया ने जानबूझकर केतन का पासपोर्ट छिपा दिया ताकि ट्रिप कैंसिल हो जाए और वह उसे पुणे में ही ठिकाने लगा सके।
- 14 जून (दूसरा प्रयास): सिया के कहने पर दोनों फिर लोहागढ़ पहुंचे। वहां सिया ने केतन को पीछे से खाई में धकेल दिया, लेकिन किस्मत से वह एक पेड़ की टहनियों के सहारे अटक गया। जब केतन ने हैरान होकर पूछा कि तुमने धक्का क्यों दिया, तो शातिर सिया ने रोने का नाटक करते हुए कहा- "वहां एक बड़ा सांप था, तुम्हें उसकी जद से बचाने के लिए मैंने ऐसा किया।" केतन इतना सीधा था कि उसने घर आकर घरवालों के सामने सिया की तारीफ भी की।
- 17 जून (कैफे की मीटिंग): मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में मिले। वहां उन्होंने लोहागढ़ का स्पॉट फाइनल किया और एक बैकअप प्लान भी बनाया कि अगर केतन इस बार भी बच गया, तो 20 जून के बाद उसे एक कार एक्सीडेंट या सड़क हादसे में मार दिया जाएगा।
- 18 जून (मर्डर का दिन): 19 जून को सिया का जन्मदिन था, जिसके लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक बेहद महंगा रिजॉर्ट बुक किया था। लेकिन सिया ने कहा कि वे जन्मदिन से पहले लोहागढ़ किले पर एक प्री-वेडिंग फोटोशूट करेंगे। वहां जून की तपती गर्मी में चेतन चौधरी हुडी पहनकर अपना चेहरा छिपाते हुए उनके पीछे-पीछे सीढ़ियों से ऊपर चढ़ा। मौका मिलते ही दोनों ने मिलकर केतन को गहरी खाई में फेंक दिया।















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