केतन को 400 फीट नीचे खाई में फेंकने के बाद सिया और चेतन का ये था अगला खौफनाक कदम, पुलिस कस्टडी में बड़ा खुलासा
Ketan Agarwal Death Case: पुणे के मशहूर बिजनेसमैन के बेटे केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश थी। लोहागढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर केतन को जान से मारने के मामले में हर दिन कई राज खुल रहे हैं। पुलिस कस्टडी में आते ही आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी का वो 'कथित प्यार' गायब हो चुका है। अब दोनों लॉकअप में आमने-सामने बैठकर एक-दूसरे पर इस कत्ल का ठीकरा फोड़ रहे हैं। लेकिन पुलिस की जांच सिर्फ इनके बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून के शिकंजे को कसने के लिए पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में अब ऐसे-ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया है। पुलिस हिरासत में पहुंचने के बाद मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बयान भी बदल गए हैं। दोनों अब खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे को हत्या का मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले दोनों ने एक खास इशारा तय किया था। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही सिया ने पहले से प्लान वाला इशारा किया चेतन ने केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। पहले ये बात सामने आई थी कि धक्का चेतन ने दिया है।

सगाई के बाद भी लवर से मेल-जोल और हत्या की पहली प्लानिंग
इस पूरे मामले की शुरुआत कत्ल की तारीख 18 जून से काफी पहले हो चुकी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और नवंबर में उदयपुर में बेहद धूमधाम से दोनों की शादी होने वाली थी। दोनों परिवार तैयारियों में जुटे थे, लेकिन सिया के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि 17 जून को, यानी कत्ल से ठीक एक दिन पहले, सिया और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के एक कैफे में मिले थे। इस मुलाकात की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगी है। इसी कैफे में बैठकर दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने का आखिरी ब्लूप्रिंट तैयार किया था। उन्होंने लोहगढ़ किले का वो पॉइंट पहले ही चुन लिया था, जहां सुरक्षा कम होती है और खाई सबसे गहरी है।
सिया गोयल ने पुलिस के कबूला सच!
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इससे पहले भी दो बार कोशिश की जा चुकी थी। दोनों बार सिया केतन को लोहागढ़ किले तक ले गई, लेकिन कथित तौर पर उसे धक्का देने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
पूछताछ में सिया ने बताया कि 14 जून को दूसरी कोशिश भी नाकाम होने के बाद चेतन बेहद नाराज हो गया था। बताया जा रहा है कि उसने सिया से कहा कि अब उससे यह काम नहीं होगा और वह खुद केतन को रास्ते से हटाएगा। इसके बाद 18 जून को कथित तौर पर चेतन ने खुद वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों जल्द से जल्द केतन को रास्ते से हटाकर साथ में नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे।

असल में 31 मई को जब वे पहली बार लोहागढ़ किला गए थे, तब केतन को पहाड़ी पर एक खतरनाक मोड़ पर बैठा देख सिया ने उसे धक्का देने की कोशिश की थी। लेकिन वो नाकाम रही। इसके बाद 14 जून को दोबारा कोशिश की गई, जहां सिया ने अचानक 'सांप-सांप' चिल्लाकर केतन का बैलेंस बिगाड़ने का नाटक किया, लेकिन उस वक्त केतन झाड़ियों को पकड़कर बाल-बाल बच गया।
दो बार फेल होने के बाद चेतन चौधरी बुरी तरह घबरा गया था और वह सिया के सामने रोने लगा कि उनका प्लान काम नहीं कर रहा। तब चेतन ने कहा था कि "तुमसे नहीं हो पाएगा, अब मैं केतन को खुद खत्म करूंगा।" इसके बाद 18 जून को फाइनल प्लान बना। दोनों ने एक कोड वर्ड यानी इशारा तय किया था। प्लान के मुताबिक, जैसे ही सिया किले के उस तय प्वाइंट पर जाकर नीचे बैठेगी, वह चेतन के लिए सिग्नल होगा। सिया के बैठते ही चेतन को पीछे से आकर केतन को धक्का देना था। 18 जून को उन्होंने इस खौफनाक स्क्रिप्ट को ठीक वैसे ही अंजाम दिया। केतन को संभलने का एक मौका भी नहीं मिला।
कत्ल के बाद का 'बैकअप प्लान' और महाबलेश्वर का सच
जांच अधिकारियों के मुताबिक, सिया और चेतन सिर्फ इस एक प्लान के भरोसे नहीं थे। उन्होंने एक बेहद शातिर बैकअप प्लान भी बना रखा था। अगर 18 जून को लोहागढ़ किले में केतन बच जाता, तो उन्होंने 20 जून के बाद कार से केतन का एक्सीडेंट करवाकर उसे मारने की पूरी तैयारी कर रखी थी।
केतन को खाई में गिराने के बाद दोनों का इरादा बेहद चौंकाने वाला था। चेतन जल्द से जल्द केतन को रास्ते से हटाकर सिया के साथ महाबलेश्वर भाग जाना चाहता था, ताकि वे वहां सुकून से वक्त बिता सकें। जब उनसे पूछा गया कि वे घर से भागने के बजाय कत्ल के रास्ते पर क्यों चले? तो दोनों ने बताया कि उन्हें डर था कि अगर वे भाग गए तो समाज में उनके परिवार की बदनामी होगी। इस बदनामी से बचने के लिए उन्होंने केतन की जान लेना ज्यादा आसान समझा।

कत्ल के बाद सिया ने किया नाटक, गार्ड ने बताया-'सिया चिल्ला रही थी, बचाओ-बचाओ'
केतन को धक्का देने के बाद सिया ने मौके पर रोने और चिल्लाने का नाटक शुरू कर दिया था। लोहागढ़ किले के गार्ड धीरज जाधव ने बताया कि उन्होंने एक लड़की के चीखने की आवाज सुनी थी। जब वे दौड़कर मौके पर पहुंचे तो सिया मदद के लिए चिल्ला रही थी। उसने गार्ड से कहा कि यहां से कोई नीचे गिर गया है। इसके बाद तुरंत पुलिस को इन्फॉर्म किया गया। शुरू में पुलिस इसे एक आम हादसा मानकर चल रही थी, लेकिन तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड्स ने पूरी कहानी पलट दी।
अब जब दोनों सिया और चेतन कोर्ट के आदेश पर 7 दिन की पुलिस रिमांड में हैं, तो दोनों का बर्ताव एकदम बदल गया है। चेतन का कहना है कि वह सिया के साथ सिर्फ भागना चाहता था, लेकिन सिया ने ही जिद की कि केतन को जान से मारना पड़ेगा। वहीं सिया का दावा है कि मर्डर का पूरा आइडिया चेतन का ही था। यानी दोनों अब पुलिस हिरासत में एक-दूसरे पर केतन को मारने का आरोप लगा रहे हैं। चेतन कहता था सबकुछ सिया ने किया है और सिया कहती है ये सबकुछ चेतन ने किया है।

माता-पिता का फूटा गुस्सा: "दोषी हो तो मेरी बेटी को भी किले से नीचे फेंक दो"
इस खौफनाक वारदात ने दोनों परिवारों को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। सिया के पिता प्रवीण गोयल ने भारी मन से बताया कि केतन उनके बेटे जैसा था। उन्होंने कहा, "सिया ने खुद मुझसे कहा था कि उसका रिश्ता केतन से करा दिया जाए। केतन उसे बहुत प्यार करता था।"
वहीं सिया की मां पूजा गोयल का गुस्सा अपनी ही बेटी पर फूट पड़ा है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा, "इस मामले में जो भी गुनहगार हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी भी इसमें दोषी पाई जाती है, तो कानून को उसे भी उसी लोहगढ़ किले की खाई से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को गिराया गया था।"
पुणे पुलिस अब वैज्ञानिक सबूतों पर टिकी जांच
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को लेकर पुणे ग्रामीण के एसपी (Superintendent of Police) संदीप गिल ने साफ कर दिया है कि पुलिस सिर्फ आरोपियों के कुबूलनामे के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठने वाली है।
संदीप गिल ने कहा, "कानून के मुताबिक पुलिस के सामने दिया गया इकबालिया बयान अदालत में पूरी तरह मान्य नहीं होता है। इसलिए हमारी टीम इस केस को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए स्वतंत्र सबूत जुटा रही है। हम फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, कैफे की टाइमिंग और चश्मदीदों के बयानों को आपस में जोड़कर एक ऐसी चेन बना रहे हैं, जिसे अदालत में चुनौती न दी जा सके।"















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