सिया और ब्वॉयफ्रेंड चेतन की कहां और कैसे हुई पहली मुलाकात? दिवाली पार्टी का वो राज, जो केतन की मौत पर हुआ खत्म
Ketan Agarwal Murder Case: लव, क्रश, धोखा और एक ऐसा खौफनाक मर्डर प्लान जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक ट्रैकिंग हादसा माना गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में यह मामला देश के सबसे चर्चित मर्डर केस में बदल गया। अब जांच में सामने आ रही जानकारियां एक ऐसी कहानी बयां कर रही हैं, जिसमें सगाई, छिपा हुआ प्रेम संबंध, परिवार का दबाव, कथित साजिश और मौत तक पहुंचने वाली कई घटनाएं शामिल हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक इस पूरे मामले की जड़ पिछले साल हुई एक दिवाली पार्टी तक पहुंचती है, जहां पहली बार सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुलाकात हुई थी। उसी मुलाकात से शुरू हुआ रिश्ता आज दोनों को हत्या और साजिश के गंभीर आरोपों तक ले आया है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर एक दिवाली पार्टी से शुरू हुई कहानी का अंत इतनी खौफनाक मौत पर कैसे हुआ।

सिया और चेतन की दिवाली पार्टी की वो पहली मुलाकात और सीक्रेट लव स्टोरी ( Siya Goyal & Chetan Chaudhary)
इस पूरी कहानी की शुरुआत पिछले साल (2023) की एक दिवाली पार्टी से हुई थी। पुणे के एक रईस ड्राई फ्रूट्स कारोबारी की 20 साल की बेटी सिया गोयल की मुलाकात 22 साल के चेतन चौधरी से हुई। चेतन का परिवार भी उसी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में काम करता है, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। उस दिवाली पार्टी की चंद मुलाकातों के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में आ गए।
लेकिन सिया के परिवार को इस रिश्ते की भनक तक नहीं थी। इस बीच सिया के मामा ने उसके लिए एक बेहद ही शानदार रिश्ता ढूंढा। यह रिश्ता था 25 साल के केतन अग्रवाल का। केतन पुणे के सबसे बड़े वेयरहाउस डेवलपर्स में से एक, 'सक्सेस ग्रुप' के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल के बेटे थे। केतन अमेरिका के बैब्सन कॉलेज से मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री लेकर लौटे थे और कंपनी में बतौर सीएमओ (CMO) काम देख रहे थे। फरवरी 2024 में दोनों परिवारों की रजामंदी से केतन और सिया की धूमधाम से सगाई हो गई। नवंबर में शादी तय थी।

एक तरफ सगाई, दूसरी तरफ फोन पर 238 घंटे की बातचीत
सगाई तो हो गई, लेकिन सिया मानसिक रूप से इस शादी के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। वह अपने परिवार के भारी दबाव में थी। वह सगाई तोड़कर चेतन के साथ भागना भी नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे डर था कि इससे समाज में उसके परिवार की भारी बदनामी होगी। ऐसे में उसने और उसके प्रेमी चेतन ने मिलकर एक ऐसा रास्ता चुना, जिसने तीन परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी।
पुलिस की जांच में जो कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) सामने आए हैं, वे होश उड़ाने वाले हैं। 1 जनवरी से लेकर 18 जून (हत्या के दिन) के बीच, महज साढ़े पांच महीनों में सिया और चेतन के बीच कुल 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों ने फोन पर करीब 238 घंटे बिताए थे। इसका मतलब यह है कि दोनों हर दिन औसतन 10 से 11 बार बात करते थे और करीब दो घंटे तक एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। इसी बातचीत के दौरान केतन को दुनिया से हटाने का प्लान बुना गया।

चेतन के पिता बोले- मेरे बेटे ने केतन को धक्का नहीं दिया है
इस पूरे मामले के बीच, आरोपी चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी और उसके चाचा उदयराम चौधरी अपने बेटे के बचाव में उतर आए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए बाबूलाल चौधरी ने दावा किया कि उनके बेटे को अमीर लोगों द्वारा फंसाया जा रहा है और उसे मोहरा बनाया गया है।
बाबूलाल चौधरी ने कहा,
"उसे झूठा फंसाया जा रहा है और इस मामले में उसका कोई हाथ नहीं है। चेतन को एक ऐसे मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है जो शुरू में जितना लग रहा था, उससे कहीं ज्यादा पेचीदा है। उसने हमें साफ-साफ बताया कि उसने लड़के को धक्का नहीं दिया और वह दूर खड़ा था। जब लड़का गिरा तो लड़की वहीं खड़ी थी। मुझे नहीं पता कि उसने उसे धक्का दिया या नहीं, लेकिन चेतन ने बताया कि वह थोड़ा पीछे खड़ा था।"
उन्होंने आगे कहा, "हमने उस लड़की को कभी नहीं देखा और उसके बारे में बिल्कुल कुछ नहीं जानते। असल में मुझे उसका नाम, सिया, कल ही पता चला। मैंने उसे पहले कभी नहीं देखा।"
घटना के बाद अपने बेटे की परिवार के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए, बाबूलाल चौधरी ने कहा, "पुलिस ने हमें बताया है कि यह एक छोटी सी बात है और असल में धोखाधड़ी का मामला है। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे दो घंटे के अंदर बच्चे को हमें सौंप देंगे।"
परिवार का दावा है कि चेतन एक सीधा-साधा स्पोर्ट्समैन है और उसका इस मर्डर से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि पुलिस के पास मौजूद डिजिटल सबूत, कैफे की सीसीटीवी मीटिंग और भारी-भरकम कॉल रिकॉर्ड्स कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड में हैं और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बाली ट्रिप का पासपोर्ट चुराया और सांप का झूठा बहाना
पुलिस जांच और पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप सिंह गिल के बयानों के मुताबिक, सिया ने केतन को मारने के कई हथकंडे अपनाए थे। इसकी पूरी टाइमलाइन ये है...।
31 मई (पहला आइडिया): केतन को ट्रैकिंग का बहुत शौक था। वह सिया को घुमाने के लिए लोहगढ़ किले लेकर गया। जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर खड़े थे, तो केतन को खतरनाक मोड़ पर बैठा देखकर सिया के मन में पहली बार उसे धक्का देकर मारने का विचार आया।
5 जून (पासपोर्ट चोरी): केतन, उसकी बहन और दोस्तों के साथ सिया की इंडोनेशिया के बाली जाने की ट्रिप प्लान थी। सिया केतन के साथ नहीं जाना चाहती थी, इसलिए उसने चुपके से केतन का पासपोर्ट अपने पास छुपा कर रख लिया, ताकि ट्रिप कैंसिल हो जाए।
14 जून (दूसरी नाकाम कोशिश): सिया जबरदस्ती केतन को दोबारा लोहगढ़ किले ले गई। वहां उसने केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया। किस्मत अच्छी थी कि केतन एक पेड़ की टहनी के सहारे अटक गया और बच गया। जब केतन ने हैरान होकर पूछा कि धक्का क्यों दिया, तो सिया ने झूठ बोल दिया कि वहां एक सांप था और वह उसे बचा रही थी। सीधे स्वभाव के केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया ने उसकी जान बचाई है।

कैफे में बना मर्डर का फाइनल और बैकअप प्लान
14 जून का प्लान फेल होने के बाद सिया घबरा गई। उसने फौरन अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ पुणे के एक कैफे में मुलाकात की। वहां दोनों ने बैठकर रणनीति बनाई। उन्होंने लोहगढ़ किले का वो सटीक पॉइंट चुना, जहां से धक्का देने पर बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
हैरानी की बात यह है कि दोनों ने एक बैकअप प्लान भी तैयार रखा था। उन्होंने तय किया था कि अगर केतन इस बार भी बच जाता है, तो 20 जून के बाद किसी सड़क हादसे में उसकी गाड़ी को टक्कर मरवाकर उसे मार दिया जाएगा। 19 जून को सिया का जन्मदिन था, जिसके लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक बेहद महंगा और लग्जरी रिजॉर्ट बुक कर रखा था। लेकिन सिया ने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले, 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को फिर से लोहगढ़ किले चलने के लिए राजी कर लिया।

18 जून: तीसरी कोशिश में दे दिया खौफनाक अंजाम
18 जून की सुबह सिया और केतन किले पर पहुंचे। उनके पीछे-पीछे चेतन चौधरी भी वहां पहुंच चुका था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों और वादियों की खूबसूरती को निहार रहा था, तभी सिया और चेतन ने मिलकर उसे पीछे से जोरदार धक्का दे दिया। केतन संभल नहीं पाया और कई सौ फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद चेतन वहां से भाग निकला और सिया ने शोर मचाना शुरू कर दिया कि केतन का पैर फिसल गया है। शुरुआत में पुलिस ने इसे एक साधारण एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तहत दर्ज किया। लेकिन कातिल चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सबूत पीछे छोड़ ही जाता है। इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ।
वह हुडी, हावभाव और कॉल रिकॉर्ड्स जिसने खोल दिया राज
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में पुलिस और केतन के परिवार को तीन बड़े सुराग मिले, जिसने सच सबके सामने ला दिया:
पहला सुराग (बहन का शक): 21 जून को जब सिया केतन के घर शोक जताने पहुंची, तो केतन की बहन ने उससे पूछा कि भाई कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया बुरी तरह हड़बड़ा गई, उसके हावभाव बदल गए और वह रोने का नाटक करने लगी। केतन की बहन को शक हुआ क्योंकि केतन एक अनुभवी ट्रैकर था, वह ऐसे नहीं गिर सकता था। पिता विशाल अग्रवाल ने तुरंत पुणे पुलिस से दोबारा जांच की मांग की।
दूसरा सुराग (गर्मी में हुडी पहने रहस्यमयी लड़का): लोनावला ग्रामीण पुलिस के सीनियर कॉप दिनेश तायडे के मुताबिक, जब पुलिस ने किले के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उन्हें एक बेहद अजीब बात दिखी। 18 जून को वहां का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन फुटेज में एक लड़का सिर पर हुडी की कैप लगाए और हेडफोन पहने चेहरा छुपाता दिखा। यही लड़का चेतन चौधरी था।
तीसरा सुराग (कॉल डिटेल्स): पुलिस ने जब सिया का फोन ट्रैक किया, तो चेतन के साथ हुई 2004 कॉल्स और 238 घंटों का सच सामने आ गया। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 61(2) (साजिश) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
कौन थे केतन अग्रवाल? (Who Was Ketan Agarwal)
25 वर्षीय केतन अग्रवाल पुणे के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे। वे महाराष्ट्र के बड़े वेयरहाउस डेवलपर्स में गिने जाने वाले सक्सेस ग्रुप से जुड़े थे और कंपनी में डायरेक्टर तथा चीफ मार्केटिंग ऑफिसर की भूमिका निभा रहे थे।
उन्होंने पुणे की सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी और बाद में अमेरिका के बैब्सन कॉलेज से उद्यमिता में मास्टर्स किया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 2023 में भारत लौटे और परिवार के कारोबार की जिम्मेदारी संभालने लगे।
फरवरी 2026 में उनकी सगाई 20 वर्षीय सिया गोयल से हुई थी। नवंबर में दोनों की शादी तय थी और राजस्थान के उदयपुर में भव्य विवाह समारोह की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी के लिए करीब 17 करोड़ रुपये का पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान तक तय किए जा चुके थे।














Click it and Unblock the Notifications