Hormuz Drone Attack: होर्मुज में फिर जहाज पर ड्रोन अटैक, ईरान का अल्टीमेटम- 'बिना परमिशन गुजरे, तो खैर नहीं'

Hormuz Drone Attack: दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक कंटेनर जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है, जिसका शक ईरान पर जताया जा रहा है। हमले के बाद ईरान की समुद्री अथॉरिटी ने जहाजों के लिए नई चेतावनी जारी कर दी है।

वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) ने सुरक्षा कारणों से फंसे नाविकों को निकालने का अपना ऑपरेशन फिलहाल रोक दिया है। इस घटना ने सिर्फ समुद्री सुरक्षा ही नहीं बल्कि अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता और दुनिया के तेल कारोबार पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

Hormuz Drone Attack

ड्रोन अटैक के बाद मचा हड़कंप, जहाज का कंट्रोल रूम हुआ डैमेज

द न्यूयॉर्क टाइम्स और दूसरे अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने दावा किया है कि कंटेनर जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके पीछे ईरान का हाथ हो सकता है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक जहाज के दाईं तरफ किसी अज्ञात चीज ने टक्कर मारी, जिससे उसका ब्रिज यानी कंट्रोल रूम डैमेज हो गया। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी नाविक के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। घटना ओमान के तट से करीब 14 किलोमीटर दूर हुई।

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ईरान की चेतावनी, तय रास्ते से हटे तो सुरक्षा की गारंटी नहीं

हमले के कुछ ही समय बाद पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बड़ा बयान जारी किया। एजेंसी ने कहा कि जो जहाज उनके तय किए गए नियमों और रूट का पालन नहीं करेंगे, उनकी सुरक्षित यात्रा की कोई गारंटी नहीं होगी। PGSA को ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा की निगरानी के लिए बनाया है। इस चेतावनी के बाद समुद्री कंपनियों और कई देशों की चिंता और बढ़ गई है।

UN ने रोका रेस्क्यू मिशन, 600 जहाजों के क्रू का इंतजार बढ़ा

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने घोषणा की कि जंग के कारण फंसे करीब 600 जहाजों और उनके क्रू को निकालने का ऑपरेशन फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निकासी मिशन में शामिल जहाजों के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं या नहीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिस कंटेनर जहाज पर हमला हुआ, वह IMO के रेस्क्यू मिशन का हिस्सा नहीं था।

अमेरिका अलर्ट, ट्रंप ने दोहराया अपना सख्त संदेश

व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी है और मामले की जांच की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुराना रुख दोहराते हुए एक अधिकारी ने कहा कि ईरान को होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकने या उसमें रुकावट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अमेरिका लगातार इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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होर्मुज पर बढ़ा तनाव, शांति समझौते पर भी पड़ सकता है असर

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बनी थी और दोनों देश अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की योजना भी सामने रखी है। अब ड्रोन हमले और नई चेतावनी के बाद दोनों देशों के रिश्तों में फिर तनाव बढ़ सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि दुनिया भर के तेल कारोबार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।

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