Venezuela Earthquake: मलबे में धड़क रही थी जिंदगी, 18 दिन के मासूम ने जीती मौत से जंग, भावुक कर देगा Video
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए भयानक भूकंप के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया की आंखें नम कर दीं। उत्तरी वेनेजुएला में मलबे के नीचे दबे सिर्फ 18 दिन के एक नवजात बच्चे को रेस्क्यू टीम ने जिंदा बाहर निकाल लिया। इस चमत्कार को तबाही के माहौल में उम्मीद की नई किरण जगा दी। जिस इमारत में बच्चा दबा था, वह पूरी तरह ढह चुकी थी। इतने छोटे बच्चे का जिंदा मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा।
डेढ़ घंटे बाद मां भी मिली जिंदा
सबसे भावुक पल तब आया, जब बच्चे को बचाने के करीब 90 मिनट (डेढ़ घंटे) बाद उसकी मां को भी मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहतकर्मियों ने मां और बच्चे दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर भी इस बात से हैरान हैं कि इतना छोटा बच्चा इतनी मुश्किल परिस्थितियों में जिंदा कैसे बच गया।

पिता की गोद में पहुंचा बेटा, हर आंख हो गई नम
रेस्क्यू टीम ने जैसे ही नवजात को उसके पिता की गोद में सौंपा, वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया। बच्चे के पिता को लग रहा था कि उन्होंने अपने पूरे परिवार को हमेशा के लिए खो दिया है। लेकिन जब उन्होंने अपने बेटे को जिंदा देखा तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर रेस्क्यू टीम का हौसला बढ़ाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रेस्क्यू का वीडियो
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बचावकर्मी टूटे हुए कंक्रीट और मलबे के बीच से बेहद सावधानी के साथ बच्चे को अपनी बाहों में उठाकर बाहर लाते हैं। यह वीडियो लाखों लोग देख चुके हैं और लोग इसे इस आपदा का सबसे बड़ा चमत्कार बता रहे हैं। साथ ही, रेस्क्यू टीम की बहादुरी और धैर्य की भी जमकर तारीफ हो रही है।
बच्चे की आवाज सुनते ही बदल दी गई पूरी स्ट्रेटजी
राहतकर्मियों के मुताबिक, जैसे ही उन्हें मलबे के नीचे बच्चे के जिंदा होने का संकेत मिला, पूरे ऑपरेशन की स्ट्रेटजी बदल दी गई। भारी मशीनों का इस्तेमाल तुरंत रोक दिया गया ताकि किसी को चोट न पहुंचे। इसके बाद टीम ने हाथों से मलबा हटाना शुरू किया। करीब 90 मिनट की लगातार मेहनत के बाद बच्चे की मां को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।
भूकंप ने मचाई भारी तबाही
यह चमत्कार ऐसे समय में हुआ है, जब वेनेजुएला भूकंप की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक का सामना कर रहा है। उत्तरी इलाके में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने हजारों इमारतों, घरों और दुकानों को तबाह कर दिया। बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए हजारों रेस्क्यू वर्कर्स, सुरक्षाबल और स्थानीय स्वयंसेवक दिन-रात काम कर रहे हैं। इसके लिए स्निफर डॉग्स और थर्मल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
एक बच्चे ने जगा दी लाखों लोगों की उम्मीद
भले ही इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी हो और हजारों लोग घायल हुए हों, लेकिन 18 दिन के इस मासूम और उसकी मां का सुरक्षित बचना पूरे देश के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी खबर बन गया है। जिन परिवारों के अपने लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हैं, उन्हें भी अब उम्मीद है कि उनके प्रियजन भी जिंदा मिल सकते हैं।
रेस्क्यू टीम बोली- हर बची हुई जिंदगी हमारी सबसे बड़ी जीत
आपदा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में एक भी जिंदगी बचाना बड़ी सफलता होती है। मलबे में दबे लोगों को निकालना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा काम होता है, लेकिन जब इस तरह के चमत्कार होते हैं तो पूरी टीम का हौसला कई गुना बढ़ जाता है।
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