15 लोगों को मारने वाले बाघ की तलाश में जुटी टीम, रोज चल रही 40 KM पैदल, लगाए 150 कैमरे, फिर भी हाथ खाली
मुंबई, 22 सितंबर: देश के अलग-अलग हिस्सों से आए दिन बाघ और तेंदुए के हमले की खबरें सामने आती रहती हैं, जिसको वन विभाग की टीम ओर से पकड़ भी लिया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक खूंखार बाघ ने अपना ऐसा टेरर फैला रखा है कि उसको पकड़ने के लिए एक स्पेशल टीम तैयार की गई है, लेकिन उनके भी हाथ अब तक खाली है। आदमखोर बाघ ने अब तक 15 लोगों को अपना शिकार बनाकर मौत के घाट उतार दिया है। खूंखार बाघ की तलाश स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स सरगर्मी से कर रही हैं।

15 लोगों को मारने वाले बाघ की तलाश
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक गढ़चिरौली जिले में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और रैपिड रेस्क्यू टीम के संयुक्त दल ने 15 लोगों को जान से मारने वाले बाघ की तलाश शुरू कर दी है। टीम जंगल का कोना-कोना छान रही हैं, लेकिन अब तक उस आदमखोर बाघ का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। टाइगर के खौफ के आगे इलाके के स्थानीय लोगों भी डर के माहौल में जी रहे हैं।

40 KM हर रोज पैदल चलकर बाघ की तलाश
बता दें कि टीम बाघ की तलाश करने वाली टीम लगभग 40 किलोमीटर हर रोज पैदल चलकर बाघ को ढूंढ रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इससे पहले वन विभाग की टीम ने नागझिरा टाइगर रिसॉर्ट से 20 लोगों वाली रैपिड रिस्पॉन्स टीम को बुलाया गया था, लेकिन बाघ का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। सर्च ऑपरेशन करने वाली स्पेशल टीम के एक सदस्य ने बताया कि हम रोज 40-किलोमीटर पैदल चलते हैं, लेकिन बाघ की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

टाइगर के लिए लगाए गए 150 कैमरा ट्रैप
गढ़चिरौली में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सदस्य दिलीप कौशिक ने बताया कि लगातार बारिश ने हमारे काम को मुश्किल बना दिया है। इस क्षेत्र में कई बाघ हैं, इसलिए अलग-अलग बाघ की पहचान करना काफी चुनौतीपूर्ण है। क्षेत्र में लगभग 150 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। हालांकि बाघ की तलाश के लिए स्थानीय लोगों की मदद भी ली जा रही है, लेकिन अब तक बाघ को पकड़ना टेढ़ी खीर नजर आ रही हैं।












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