IPS Sadanand Date: 26/11 के जांबाज़ हीरो IPS ऑफिसर सदानंद दाते बने महाराष्ट्र के DGP, जानें NIA चीफ का सफर
IPS Sadanand Date Appointed Maharashtra DGP: आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर नियुक्त किए जा चुके हैं। दाते 3 जनवरी को कार्यभार संभालेंगे और प्रमुख रश्मि शुक्ला की जगह लेंगे। दाते की इस नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, निवर्तमान पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला का कार्यकाल 3 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एम्पैनलमेंट कमेटी की सिफारिश पर, 1990 बैच के आईपीएस दाते को 'पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र राज्य (HOPF)' पद पर नियुक्ति हुई है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार, डीजीपी (HOPF) पद पर नियुक्त आईपीएस अधिकारी का कार्यकाल दो वर्ष होता है, भले ही सेवानिवृत्ति तिथि कुछ भी हो। इस प्रावधान के तहत, दाते का कार्यकाल भी नियुक्ति से आगामी दो वर्षों तक रहेगा।
NIA चीफ के बाद अब संभालेंगे महाराष्ट्र पुलिस की कमान
वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1990 बैच के अधिकारी सदानंद वसंत दाते को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक के पद से उनके मूल महाराष्ट्र कैडर में वापस भेजने की मंजूरी कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने दी है। सदानंद दाते 1 अप्रैल 2024 से नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के महानिदेशक (DG) थे और आतंकी कार्रवाईयों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में संवेदनशील जांचों का नेतृत्व कर रहे थे। दाते सीबीआई में DIG, महाराष्ट्र ATS प्रमुख, मुंबई जॉइंट CP (अपराध व कानून व्यवस्था), और मीरा-भायंदर-वसई-विरार पुलिस कमिश्नर जैसे पदों पर रहे हैं।
कितने पढ़ें-लिखें हैं IPS सदानंद दाते?
आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते कॉमर्स विषय में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से , और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट योग्यताएं हैं। उन्होंने हम्फ्रे फेलोशिप के तहत मिनेसोटा विश्वविद्यालय में 'व्हाइट-कॉलर' और संगठित अपराध नियंत्रण का अध्ययन किया है।
26/11 के जांबाज़ हीरो सदानंद दाते
सदानंद दाते को साल 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान उनके साहस और नेतृत्व के लिए जाना जाता है। इस इन्होंने दौरान आतंकवादियों का बहादुरी से सामना किया, कई जानें बचाईं और लोगों को सुरक्षित किया। उस समय वे अतिरिक्त कमिश्नर (सेंट्रल रीजन), मुंबई थे और आतंकियों के साथ लंबी मुठभेड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें वे घायल भी हुए थे। अदम्य साहस व कर्तव्यनिष्ठा के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया












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