Pune: फर्जी IAS पूजा खेडकर की मां को किडनैपिंग केस में बिना गिरफ्तारी मिली जमानत, युवक को बनाए रखा था बंधक
Pune: नवी मुंबई की एक स्थानीय अदालत ने फर्जी तरीके से IAS बनी पूजा खेड़कर (अब बर्खास्त) की मां मनोरमा खेड़कर को अपहरण के एक मामले में 13 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत दे दी है। उन पर एक ट्रक क्लीनर के अपहरण का आरोप लगा था, जिसके बाद से वह फरार चल रही थीं।
अदालत में पेश होकर मांगी अग्रिम जमानत
आज बेलापुर में अतिरिक्त जिला न्यायालय के समक्ष उनके वकीलों ने पेश होकर अग्रिम जमानत की मांग की। अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन इस मामले की मुख्य सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।

सड़क हादसे से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद सितंबर की शुरुआत में नवी मुंबई के मुलुंड-ऐरोली रोड पर हुई एक सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ। आरोप है कि एक सीमेंट मिक्सर ट्रक ने एक एसयूवी को टक्कर मारी, जिसके बाद एसयूवी में सवार लोगों ने ट्रक क्लीनर को जबरन पुणे स्थित एक बंगले में ले जाकर अपहरण कर लिया। यह संपत्ति कथित तौर पर खेड़कर परिवार से जुड़ी बताई जाती है।
पुलिस के लिए छोड़े थे कुत्ते
पुलिस ने अपहृत व्यक्ति का ठिकाना पता लगाकर पुणे के उस बंगले पर छापा मारा। इस दौरान मनोरमा खेड़कर ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के लिए गेट खोलने से इनकार कर दिया और अपने खूंखार गार्ड कुत्तों को भी परिसर में छोड़ दिया, जिससे पुलिस को अंदर घुसने में मुश्किल हुई।
Suspended IAS trainee Pooja Khedkar’s mother booked in a kidnapping case! Driver rescued from Khedkar’s Pune home after a road accident. Investigation on.#PujaKhedkar #IAS #KidnappingCase #Maharashtra pic.twitter.com/AGQ8ziocnE
— Vijay Kumbhar (@VijayKumbhar62) September 14, 2025
कई FIR दर्ज, बॉडीगार्ड गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग जगहों पर एफआईआर दर्ज कीं। नवी मुंबई में अपहरण का मामला दर्ज किया गया, जबकि पुणे में सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने का केस खोला गया। इस मामले में खेड़कर परिवार के बॉडीगार्ड प्रफुल सालुंखे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जमानत याचिका में लगाया फंसाने का आरोप
अपनी जमानत याचिका में मनोरमा खेड़कर ने दावा किया कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है और उन्होंने कहा कि वह जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 13 अक्टूबर को होने वाली मुख्य सुनवाई से पहले अदालत में दी जाने वाली प्रतिक्रिया में फोरेंसिक और तकनीकी सबूत शामिल होंगे। इसमें एसयूवी के मार्ग और घटनाओं की समय-सीमा की विस्तृत जानकारी होगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आगे इस मामले में और आरोप जोड़े जा सकते हैं।
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