महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को क्या दिया जवाब?
Maharashtra Elections 2024: लोकसभा में विपक्ष के नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में धांधली होने का गंभीर आरोप लगाया था। राहुल गांधी के चुनाव में धांधली के गंभीर आरोपों को पहले ही चुनाव आयोग निराधार बताते हुए नकार चुका था। वहीं अब चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के आरोपों पर औपचारिक रूप से राहुल गांधी को लिखित जवाब दिया है।
चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिए जवाब में कहा कि सभी चुनाव संसद द्वारा पारित कानूनों और नियमों के अनुसार सख्ती से आयोजित किए जाते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया में हजारों कर्मचारी शामिल होते हैं, जिनमें राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ-स्तरीय एजेंट भी शामिल हैं।

राहुल गांधी को ई मेल के जरिए जवाब दिया गया है। इस औपचारिक मेल में चुनाव आयोग ने विस्तार से समझाया कि पूरी चुनाव प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विकेंद्रीकृत तरीके से आयोजित की जाती है, जिसमें 1,00,186 से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), 288 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ), 139 जनरल ऑब्जर्वर, 41 पुलिस ऑब्जर्वर, 71 व्यय ऑब्जर्वर और 288 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) शामिल हैं, जिन्हें आयोग द्वारा नियुक्त किया जाता है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों द्वारा 1,08,026 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जाते हैं, जिनमें कांग्रेस के 28,421 एजेंट शामिल हैं। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को बताया "हम मानते हैं कि चुनावों के संचालन से संबंधित कोई भी मुद्दा आईएनसी उम्मीदवारों द्वारा सक्षम न्यायालय (उच्च न्यायालय) में दायर चुनाव याचिकाओं के माध्यम से पहले ही उठाया गया होगा।"
राहुल गांधी को चाहे तो चुनाव आयोग से मिलकर कर सकते हैं चर्चा
इसके साथ ही चुनाव आयोग ने कहा, "हालांकि, यदि राहुल गांधी आपके पास अभी भी कोई समस्या है, तो आप हमें लिखने के लिए स्वागत करते हैं और आयोग आपसी सुविधाजनक तिथि और समय पर आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।"
राहुल गांधी ने क्या लगाए थे आरोप?
- राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए इसे मैच फिक्सिंग बताया था।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया था, लोकसभा चुनाव 2024 मई में संपन्न हए और महाराष्ट्र चुनाव नवंबर 2024 में हुए। इस दौरान वोटर लिस्ट में 70 से 72 लाख फर्जी वोटरों के नाम जुड़े। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में ये वोटरों की संख्या अचानक बढ़ी वहां भाजपा ने जीत हासिल की है।
- मतदान के दौरान उन जगहों पर जहां भाजपा की जीत सुनिश्चित करनी थी वहां पर फर्जी वोट डाले गए।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर असर डाला गया, ताकि नियंत्रण से चुनाव को प्रभावित किया जा सके।
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र में शाम 5 बजे तक मतदान 58.22% हुआ लेकिन चुनाव संपन्न होने पर ये आंकड़ा बढ़कर 66.05 प्रतिशत हो गया। यानी लगभग 7.83% (760लाख वोट) की वृद्धि हुई थी। ये आंकड़ा पिछले चुनावों की तुलना में अत्यधिक था।
- वोटर लिस्ट, CCTV फुटेज समेत अन्य डिजिटल डेटा छिपा दिया गया। पारदर्शिता बरतते हुए इसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा था?
बता दें कांग्रेस सासंद राहुल गांधी के इन आरोपों को निराधार और बेतुका पहले ही बताया था ओर कहा था कि वोटर लिस्ट में वोटरों की संख्या में वृद्धि एक निर्धारित व्यवस्था और प्रक्रिया के तहत होती है। चुनाव आयोग ने बताया F‑form 17C पर समय‑समय पर आंकड़े अपडेट होते हैं, और वाेटरों की संख्या में बढ़ोत्तरी मान्य प्रक्रिया के तहत होती है। इसके अलावा वोटिंग प्रतिशत का ऊपर जाना चुनाव में मतदान प्रक्रिया का हिस्सा है।












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