CM फडणवीस की कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे एकनाथ शिंदे और उनके करीबी नेता, क्या बिगाड़ेगे खेल?
Maharashtra News: महाराष्ट्र में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महायुति गठबंधन सरकार के भीतर सबकुछ ठीक न होने की खबरें सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके करीबी मंत्री देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।
मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में शिंदे की गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके करीबी सहयोगी भरत गोगावले ने कैबिनेट बैठक से दूरी बनाए रखने के बाद उनकी नाराज़गी के कयास लगाए जा रहे हैं। आखिर क्या है इस सियासी उठापटक की असली वजह?

कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे शिंदे और गोवावले
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में न तो एकनाथ शिंदे शामिल हुए और न ही उनके खास नेता भरत गोगावले। शिंदे रविवार से जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में थे और उन्हें इस बैठक के लिए मुंबई लौटना था, लेकिन वे नहीं आए। गोगावले की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज़ कर दी है कि शिंदे गुट में सब ठीक नहीं है।
आखिर क्यों नाराज हैं एकनाथ शिंदे?
शिंदे गुट की नाराजगी का मुख्य कारण रायगढ़ जिले से जुड़ा है। शिवसेना चाहती है कि उनके नेता भरत गोगावले को रायगढ़ का प्रभारी मंत्री बनाया जाए, क्योंकि इस जिले में उनकी पार्टी का अच्छा प्रभाव है। हालांकि, शुरुआत में एनसीपी की अदिति तटकरे का नाम इस पद के लिए सामने आया था, जिसका शिवसेना ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद अदिति का नाम वापस ले लिया गया, लेकिन अभी तक कोई नया नाम तय नहीं हो पाया है।
एकनाथ शिंदे और उनके मंत्रियों को नहीं मिल रही तवज्जो
इसके अलावा रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे खुद को और अपने मंत्रियों को नजरअंदाज किए जाने से नाराज बताए जा रहे हैं। शिंदे को यह महसूस हो रहा है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उनकी पार्टी को कम महत्व दिया जा रहा है, जबकि अजित पवार की एनसीपी को अधिक तवज्जो मिल रही है। हालांकि, उनके पास फिलहाल विकल्पों की कमी है, लेकिन अंदरूनी तौर पर उनकी नाराजगी बरकरार है।
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई नाराजगी
हाल ही में शिंदे दिल्ली दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में उन्होंने अपनी नाराजगी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई है। अब इस मामले की सच्चाई तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल अटकलों का बाजार गर्म है।












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