Disha Salian: मुश्किलों में घिरे आदित्य ठाकरे, उद्धव, INDIA bloc के लिए कितना बड़ा झटका? 5 बातें कर रहीं इशारा
Disha Salian News: महाराष्ट्र की राजनीति में दिशा सालियान की मौत का मामला फिर से गरमा गया है। विधानसभा और विधान परिषद में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई है, जिससे शिवसेना (यूबीटी) विधायक और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
बीजेपी और शिवसेना के नेताओं ने इस मामले में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से लिए गए नामों की गिरफ्तारी और पूछताछ मांग की है। बॉम्बे हाई कोर्ट में दर्ज याचिका में उन्होंने आदित्य ठाकरे पर अपनी बेटी से रेप और हत्या का आरोप लगाया है और इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इसका सियासी असर न केवल आदित्य ठाकरे, बल्कि शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे और पूरे इंडिया ब्लॉक पर भी पड़ सकता है।

Disha Salian case:1. बीएमसी चुनाव में बढ़ सकती है शिवसेना (UBT) की मुश्किलें
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव शिवसेना (UBT) के लिए बेहद अहम हैं, क्योंकि देश के कई छोटे राज्यों से बड़े बजट वाले इस नगर निगम पर पार्टी का दशकों से कब्जा रहा है। लेकिन, दिशा सालियान मामला फिर से उठने के बाद बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर सकते हैं। इससे उद्धव ठाकरे की पार्टी को सीधा नुकसान हो सकता है।
Disha Salian Aaditya Thackeray: 2. एकनाथ शिंदे की शिवसेना का मनोबल और बढ़ेगा
महाराष्ट्र में शिवसेना दो धड़ों में बंटी हुई है-उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना। आदित्य ठाकरे पर लगे आरोपों से शिंदे गुट को राजनीतिक रूप से और मजबूती मिल सकती है, जिसने विधानसभा चुनावों में पहले ही अपना दबदबा साबित कर दिया है।
इससे उद्धव गुट की साख और ज्यादा गिर सकती है। शिंदे पहले से ही खुद को असली शिवसेना बता रहे हैं और यह मामला उनके लिए आगे भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
Disha Salian Aaditya Thackeray: 3. महाराष्ट्र निकाय चुनावों में MVA की बढ़ सकती है परेशानी
महाराष्ट्र के आगामी निकाय चुनावों में महा विकास अघाड़ी (MVA) की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि यह सब चुनावी फायदे के लिए किया जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 'वे दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत के नामों का इस्तेमाल करेंगे, क्योंकि बिहार और मुंबई में चुनाव हैं और चुनावों के बाद वे उन्हें भूल जाएंगे। यह बहुत ही गलत है।'
वैसे, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला विपक्षी महा विकास अघाड़ी (शिवसेना (यूबीटी),एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस) के लिए संकट बन सकता है, क्योंकि दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के वक्त महाराष्ट्र में इसी की सरकार थी।
Disha Salian Aaditya Thackeray: 4. बिहार चुनाव में NDA को मिल सकता है फायदा
दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत के मामलों को जोड़कर देखा जाता है, क्योंकि दोनों की मौत कुछ दिनों के अंदर ही संदिग्ध तरीके से हुई थी और वह सुशांत की मैनेजर भी थी।
बिहार में सुशांत सिंह राजपूत की बड़ी फैन फॉलोइंग है और चुनावी रणनीति के तहत बीजेपी और जेडीयू की अगुवाई वाला एनडीए इस मुद्दे को वहां भुना सकता है।
बिहार में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी और एनडीए इस मामले को तूल देकर महागठबंधन को घेर सकता है। क्योंकि, आरजेडी, कांग्रेस उसी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं, जिसमें उद्धव ठाकरे की पार्टी भी शामिल है।
Disha Salian Aaditya Thackeray: 5. INDIA ब्लॉक की छवि को हो सकता है नुकसान
इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व कर रही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर अभी तक बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। क्योंकि, घटना के समय महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) की सरकार थी, जिसमें कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी भी शामिल थी, इसलिए इस मामले को बीजेपी विपक्ष के खिलाफ हथियार बना सकती है।
अगर आदित्य ठाकरे पर कानूनी शिकंजा कसता है, तो इसका असर पूरे इंडिया ब्लॉक की छवि पर भी पड़ सकता है। दिशा सालियान मामला आदित्य ठाकरे के राजनीतिक करियर के लिए खतरा बन सकता है। यह सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि इसके बड़े राजनीतिक मायने हैं।












Click it and Unblock the Notifications