'मैंने जो खुलासा किया था वो बिल्कुल सही है', देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा ऐसा?
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने वाले बयान पर पहली प्रतिक्रिया दी है। जिसमें उन्होंने दावा किया था 2019 में राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख शरद पवार की सहमति से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया था।
इस बयान पर जब पत्रकारों ने डिप्टी सीएम फडणवीस से सवाल किया तो उन्होंने कहा "मैंने जो खुलासा किया था वो बिल्कुल सही है। उस समय एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने दीजिए मैंने जो बातें कहीं वो सच हैं।"

पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए फडणवीस ने अपने दावे को दोहराया और कहा मैंने जो खुलासा किया वो सही मैंने जो बातें कही वो सच है। 2019 के चुनाव के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सहमति से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था।
शरर पवार ने कहा था राष्ट्रपति शासन लगने दीजिए
शरद पवार ने हमसे बातचीत की थी और कहा था कि राष्ट्रपति शासन लगने दीजिए। उसी के चलते हमने जो सरकार बनाने का पत्र राज्यपाल ने दिया था उस पर हमने लिखा था कि अभी हम सरकार नहीं बनाना चाहते हैं आप राष्ट्रपति शासन लगा दीजिए । तब एनसीपी ने भी ये ही कहा था। हालांकि एनसीपी ने देवेंद्र फडणवीस के बयान को खारिज किया था और इसे आधारहीन बताया था।
2019 में एनसीपी के साथ अल्पकालिक सरकार बनाने के उनके प्रयास को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने पूरा घटनाक्रम बया करते हुए बताया कि क्यों सरकार गिरी और महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन में लगाने का विचार किसका था।
एनसीपी के साथ सरकार गठन की चर्चा में शामिल थे शरद पवार भी
फडणवीस ने बताया था 2019 में चुनाव के बाद हम एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ सरकार गठन पर चर्चा कर रहे थे। हमने विभागों के बंटवारें ओर प्रभारी मंत्रियों की जिम्मदारियो पर भी निर्णय ले दिया था लेकिन अचानक से पवार ने अपना रुख बदल लिया और पीछे हट गए। राष्ट्रपति शासन लगाने का निर्णय शरद पवार के कहने और उनकी सहमति पर लिया गया था।
2019 में चुनाव के बाद राजनीति में अचानक आया था ये भूचाल
गौरतलब है कि 2019 में भाजपा के साथ शिवसेना ने गठबंधन कर विधानसभा चुनाव जीता था जिसके बाद उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री की मांग पर अड़े थे इसलिए भाजपा और शिवसेना गठबंधन की सरकार नहीं बन सकी थी, इस सारे घटनाक्रम के बीच अचानक 23 नवंबर 2019 को तत्कालीनी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उपमुख्यमंत्री के पर की शपथ दिलवाई थी लेकिन भाजपा और एनसपी की वो सरकार महज 72 घंटे बाद ही गिर गई थी।












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