अजित पवार की 3 बहनों के घर-दफ्तरों पर IT विभाग का छापा, डिप्टी सीएम ने बताया साजिश
मुंबई, 07 अक्टूबर: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आयकर विभाग की छापेमारी को कबूल करते हुए कार्रवाई पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। गुरुवार को डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग ने उनसे संबंधित कुछ फर्मों पर छापा मारा, जिसकी उन्हें कोई शिकायत नहीं है। इसी के साथ अजित पवार ने 3 बहनों के घर-दफ्तरों पर IT विभाग की रेड को साजिश करार दिया।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा
मेरी 3 बहनों के घरों और कंपनियों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। मुझे इसके पीछे का कारण नहीं पता, लेकिन ये राजनीति से प्रेरित छापेमारी हैं। वे निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। मुझे बुरा लग रहा है।
'राजनीतिक द्वेष के लिए किया जा रहा'
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए डिप्टी सीएम अजित पवार कहा कि यह सच है कि आईटी विभाग ने मेरी कुछ फर्मों पर छापा मारा है। यह उनका अधिकार है, मुझे नहीं पता कि क्या वे राजनीतिक द्वेष के लिए ऐसा कर रहे थे। वो ज्यादा जानकारी चाहते हैं, क्योंकि हम समय पर टैक्स का भुगतान कर रहे हैं।
'केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग'
वहीं अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि हालांकि, मेरा एकमात्र दुख यह है कि उन्होंने मेरी तीन बहनों से संबंधित जगहों पर भी छापेमारी की। उनमें से एक कोल्हापुर में रहती है और अन्य दो पुणे में। डिप्टी सीएम ने कहा कि वह उन पर छापे के पीछे का कारण नहीं समझ सके। पवार ने कहा कि छापेमारी इसलिए की गए क्योंकि वे मेरी बहनें हैं, तो राज्य के लोगों को सोचना चाहिए कि केंद्रीय एजेंसियों का किस स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
ईडी ने की थी संपत्ति कुर्क
आपको बता दें कि अजित पवार का नाम जुलाई में महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव (एमएससी) बैंक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले के सिलसिले में सतारा जिले की एक चीनी मिल की 65.75 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इसके अलावा इनकम टैक्स विभाग ने पवार की जिन कंपनियों पर छापेमारी की है वे सभी शुगर मिल हैं।












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