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Chhatrapati Shivaji Maharaj की 396वीं जयंती पर जानें जीवन से जुड़ी बड़ी बातें, पीएम मोदी ने दिया खास संदेश

Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: हर साल 19 फरवरी को भारत के महानतम योद्धा और मराठा साम्राज्य के दूरदर्शी संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पूरे गौरव के साथ मनाई जाती है। 1630 में शिवनेरी किले में जन्मे शिवाजी महाराज ने न केवल मुगल सत्ता को चुनौती दी, बल्कि 'हिंदवी स्वराज' की नींव रखकर भारतीय इतिहास की धारा बदल दी।

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह दिन उनकी वीरता, रणनीतिक कौशल और जन-कल्याणकारी शासन को समर्पित है। महाराष्ट्र में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है और पूरे देश में उनकी विरासत को याद किया जाता है। यह अवसर हमें उनके द्वारा स्थापित न्याय, धार्मिक सहिष्णुता और महिला सुरक्षा के उच्च आदर्शों की याद दिलाता है, जो आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत बने हुए हैं।

Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

शिवाजी जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दूरदर्शी नेता और 'स्वराज्य' के रक्षक को नमन किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने संदेश में शिवाजी महाराज को एक असाधारण प्रशासक और रणनीतिक विचारक बताया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाराज का साहस आज भी हमें प्रेरित करता है और उनका शासन एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह है। पीएम मोदी ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा हर एक व्यक्ति के कल्याण को सर्वोपरि रखा और खुद को उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मशाल की तरह है।"

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Shivaji Maharaj: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राज्याभिषेक

19 फरवरी 1630 को शिवनेरी किले में जन्मे शिवाजी में बचपन से ही नेतृत्व के गुण थे। साल 1674 में रायगढ़ किले में उनका राजतिलक हुआ, जिसके बाद उन्होंने एक ऐसे शासन की स्थापना की जहां जनता को न्याय मिले और वे अपनी भूमि पर स्वाभिमान के साथ जी सकें।

Shivaji Maharaj: शासन और सैन्य शक्ति की मिसाल

शिवाजी महाराज की सैन्य सफलता का आधार उनकी 'गुरिल्ला युद्ध पद्धति' और मजबूत किलों का संजाल था। उनके शासन की कुछ मुख्य विशेषताएं थीं:

  • महिला सुरक्षा: महिलाओं के सम्मान को उन्होंने शासन की प्राथमिकता बनाया।
  • रणनीतिक सोच: सीमित संसाधनों में विशाल साम्राज्यों को चुनौती देना।
  • न्याय की भावना: समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा और अधिकार पहुंचाना।

शिवाजी महाराज की जयंती पर भव्य आयोजन

महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और कोल्हापुर जैसे शहरों में ढोल-ताशों की गूंज के साथ शोभायात्राएं निकाली जाती हैं। शिवनेरी, रायगढ़ और प्रतापगढ़ जैसे किलों पर लोग पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी वीरता की गाथाएँ सुनाई जाती हैं।

शिवाजी महाराज से मिलने वाली सीख

साहस: कठिन परिस्थितियों में हार न मानना।

दूरदर्शिता: केवल युद्ध नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण समाज की नींव रखना।

आत्मसम्मान: देश और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना।

With AI Inputs

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