'ब्राह्मणों को भी आरक्षण मिलना चाहिए', कौन हैं ये मुस्लिम नेता? मुसलमानों का कोटा खत्म होने पर की ये डिमांड
राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय को दिए गए 5% विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) आरक्षण को रद्द करने का फैसला किया है। इस अप्रत्याशित निर्णय से राज्य के अल्पसंख्यकों को बड़ा झटका लगा है। फडणवीस सरकार ने आरक्षण और जाति वैधता प्रमाणपत्र संबंधी शासनादेश और परिपत्र को भी रद्द कर दिया है, जिससे मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश और खलबली मची हुई है। वहीं इस पूरे मुद्दें पर महाराष्ट्र के एक मुस्लिम नेता ने ऐसी प्रतिक्रिया दी है जिसके बाद वो चर्चा में आ गए हैं।
महाराष्ट्र के नेता इम्तियाज जलील ने राज्य में मुसलमानों का आरक्षण समाप्त किए जाने के फडणवीस सरकारे के फैसले पर विरोध जताया लेकिन साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज के गरीब लोगों को आरक्षण देने की पैरवी कर डाली है।

'गरीब ब्राह्मणों को भी आरक्षण मिलना चाहिए'
दरअसल, इम्तियाज जलील ने मराठा समाज के आरक्षण का समर्थन करने का जिक्र करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई। जलील ने "ब्राह्मण समाज में भी कुछ गरीब लोग हैं, जो शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन वित्तीय बाधाओं के कारण ऐसा नहीं कर पाते, उन्हें भी आरक्षण मिलना चाहिए।" उन्होंने अपने समाज के ऐसे लोगों के लिए भी आय के आधार पर सुविधाएं देने पर जोर दिया है और इसके लिए लगातार प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने तर्क दिया था कि गरीबी किसी जाति या धर्म को देखकर नहीं आती, इसलिए ब्राह्मण समाज के गरीब लोगों को भी मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

'सरकार नहीं चाहती मुस्लिम युवा आईएएस पीसीएस बनें'
हालांकि एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी दल नहीं चाहता कि मुस्लिम युवा आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनें। उनके अनुसार, सरकार चाहती है कि मुस्लिम युवक सिर्फ ऑटो चलाएं, गाड़ियाँ धोएं या छोटे-मोटे काम करें। जलील ने फडणवीस सरकार द्वारा नौकरियों और शिक्षा में मुसलमानों का 5 प्रतिशत आरक्षण रद्द करने को उन्होंने समुदाय को पीछे धकेलने वाला फैसला बताया।
कौन हैं इम्तियाज जलील? (Who is Imtiaz Jaleel)
इम्तियाज जलील महाराष्ट्र के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ हैं, जो ऑल इंडिया मजलिस‑ए‑इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) से जुड़े हैं। वे छत्रपती संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं और पहले महाराष्ट्र विधान सभा के सदस्य भी रह चुके हैं। जन्म 10 अगस्त 1968 को औरंगाबाद, महाराष्ट्र में हुआ था। इम्तियाज जलील राज्य में AIMIM के अध्यक्ष भी हैं और समाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं, विधानसभा और संसद में नागरिकों के हितों को उठाते हैं तथा पार्टी संगठन को मजबूत करने पर कार्यरत हैं।
जलील ने मौलानाओं पर उठाए सवाल
जलील ने अपने समुदाय के कुछ मौलानाओं और नेताओं की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आने पर कुछ लोग, खासकर मौलाना, अचानक घरों से बाहर निकल आते हैं। जलील ने सवाल उठाया, "क्या आप पांच साल में सिर्फ एक बार ही आते हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि जब समाज संकट में है, तब ये नेता गायब रहते हैं।
जलील ने मुस्लिम समाज से की ये अपील
जलील ने मुस्लिम समाज से अपील की कि रमजान में "ज़कात" (इस्लाम का एक अनिवार्य धार्मिक दान) की राशि का इस्तेमाल धार्मिक इमारतों के बजाय शिक्षा पर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह समुदाय के सशक्तिकरण के लिए अहम है।
जलील ने बीड का किया जिक्र
जलील ने बताया कि ये लोग चुनावी माहौल में सक्रिय हो जाते हैं और समुदाय को किसी विशेष व्यक्ति को वोट देने की सलाह देते हैं, जिसका कारण सभी जानते हैं। उन्होंने बीड़ के एक घटनाक्रम का जिक्र किया, जहां सभी मौलवियों ने अजीत पवार का समर्थन करने का फैसला किया था, और समुदाय ने इसे मानकर मतदान किया।












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