Lucknow Fire Tragedy: SIT गठित, कौन हैं जांच की कमान संभालने वाले अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार?
Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई है, अलीगंज सेक्टर-डी स्थित बहुमंजिला इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुएदेर रात आरोपी वीरेंद्र शुक्ला, तुशांक कृष्ण जायसवाल और रामकृष्ण उपाध्याय को गिरफ्तार किया है तो वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है।
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी और इसके तुरंत बाद एक द्विसदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। SIT को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।

तो वहीं इस घटना की जांच की जिम्मेदारी सरकार ने अपने दो सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है, जिनके नाम हैं अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस अग्निकांड के दोषियों को सजा मिलेगी।
अमृत अभिजात कौन हैं?
मालूम हो कि अमृत अभिजात पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं , वो उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले अमृत अभिजात का जन्म 21 जून 1968 को बिहार के मुंगेर जिले में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध किरोड़ी मल कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की।
प्रयागराज महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी संभाली
अमृत अभिजात को उत्तर प्रदेश के सबसे कुशल और संकटमोचक प्रशासनिक अधिकारियों में गिना जाता है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश शासन में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के प्रमुख सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रयागराज महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी इन्होंने ही संभाली थी। सितंबर 2025 से, वह उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन और संस्कृति विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम कर रहे हैं।

बेहतरीन प्रशासनिक कार्य के लिए जाने जाते हें अमृत अभिजात
उन्होंने भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक के रूप में महत्वपूर्ण काम किया है, वो शहरों के विकास, सुरक्षा मानकों और ढांचागत व्यवस्थाओं पर उनकी गहरी पकड़ रही है। उत्तर प्रदेश में वे कानपुर नगर, प्रयागराज, आगरा और मुजफ्फरनगर जैसे बड़े और संवेदनशील जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी बेहतरीन प्रशासनिक कार्य कर चुके हैं।

प्रवीण कुमार कौन हैं?
प्रवीण कुमार लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी)हैं, ये उत्तर प्रदेश पुलिस में 2001 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। प्रवीण कुमार को पुलिस महकमे में एक बेहद गंभीर, कानून के जानकार के रूप में जाना जाता है। प्रवीण कुमार का जन्म 26 जून 1972 को उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में हुआ था। उनके पास B.E. Honors, LL.B. और LL.M. की डिग्रियां हैं। उन्होंने 7 फरवरी 2026 को इस महत्वपूर्ण पद का कार्यभार ग्रहण किया था। लखनऊ जोन के एडीजी बनने से पहले, वे मेरठ और अयोध्या रेंज के आईजी/एडीजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
लखनऊ अग्निकांड: अब तक क्या-क्या हुआ?
- लखनऊ के अलीगंज स्थित तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई।
- मृतकों में अधिकांश छात्र, प्रशिक्षु और गेमिंग/एनीमेशन सेंटर के युवा कर्मचारी थे, जिनकी उम्र 20-24 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
- हादसे में 7 से 9 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
- प्रारंभिक जांच में आग की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट या एसी डक्ट में खराबी मानी जा रही है।
- आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग अंदर फंस गए और कुछ को जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदना पड़ा।
- बचाव कार्य के लिए 14 से अधिक फायर टेंडर और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाहन लगाए गए।
- दमकल कर्मियों ने लोगों को निकालने के लिए इमारत की दीवार तक तोड़ी।
- भवन में गेमिंग जोन, एनीमेशन/कोचिंग सेंटर, पेट शॉप और वेटरनरी क्लिनिक संचालित हो रहे थे।
- हादसे में पेट क्लिनिक में मौजूद 6 पालतू जानवरों की भी मौत हो गई।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और एसआईटी गठित की है।
- चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जिनमें एलडीए, बिजली और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
- पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- जांच में सामने आया कि भवन कागजों में रिहायशी था, लेकिन वर्षों से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
- एलडीए के 16 अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
- प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की सहायता राशि की घोषणा की।
- प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच होगी।














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