Last Bada Mangal 2026: साल का आखिरी बड़ा मंगल आज, राशि के अनुसार करें ये उपाय, बजरंगबली बरसाएंगे कृपा

Last Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी और आठवां बड़ा मंगल आज है, सनातन परंपरा में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। हनुमान भक्तों के लिए यह समय आत्मिक शुद्धि, तप और प्रभु भक्ति का होता है। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक इस दौरान बजरंगबली की पूजा करने से भक्तों के सभी बिगड़े काम बहुत आसानी से बन जाते हैं।

यदि आप व्यस्तता के कारण इस पूरे महीने हनुमान जी की विशेष पूजा करने से चूक गए हैं, तो आज शुभ मुहूर्त में भक्तिपूर्वक व्रत और पूजन कर बजरंगबली का आशीर्वाद पा सकते हैं। आपको बता दें कि इस साल ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगल आए है।

Last Bada Mangal 2026

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही वनवास काल के दौरान प्रभु श्री राम से हनुमान जी की प्रथम भेंट हुई थी। इसके अतिरिक्त, इसी दिन महाभारत काल में भीम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी ने वृद्ध रूप धारण किया था। यही कारण है कि इसे 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है। इस दिन उनके वृद्ध स्वरूप की पूजा से समस्त शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।

राशि अनुसार करें ये उपाय, बजरंगबली बरसाएंगे कृपा

पंडित दयानंद शास्त्री ने कहा कि 'आखिरी बड़े मंगल पर राशि के अनुसार विशेष वस्तुएं हनुमान जी को अर्पित करेंगे तो आपके सारे कष्टों का अंत होगा बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होगी।'

  • मेष - लाल फूल और गुड़ अर्पित करें।
  • वृषभ - बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
  • मिथुन - पान का बीड़ा चढ़ाएं।
  • कर्क - चमेली का तेल अर्पित करें।
  • सिंह - सिंदूर और लाल वस्त्र चढ़ाएं।
  • कन्या - बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
  • तुला - इत्र और सुगंधित पुष्प चढ़ाएं।
  • वृश्चिक - लाल चोला अर्पित करें।
  • धनु - केले और गुड़ का भोग लगाएं।
  • मकर - उड़द दाल का दान करें।
  • कुंभ - नारियल अर्पित करें।
  • मीन - केसर मिश्रित मिठाई का भोग लगाएं।

आठवां बड़ा मंगल आज, क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?

अभिजीत मुहूर्त: 11:55 बजे से 12:51 बजे तक
संध्या मुहूर्त: 7:22 बजे से 8:23 बजे तक

इस विधि से करें हनुमान जी का पूजन

भक्तों को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि दैनिक कार्यों से निवृत्त होना चाहिए। इसके बाद पूजन के लिए लाल रंग के स्वच्छ वस्त्रों का चयन करें। लाल रंग ऊर्जा, उत्साह और साहस का प्रतीक माना जाता है, जो महाबली हनुमान को अत्यंत प्रिय है। वस्त्र धारण करने के बाद अपने घर के स्वच्छ पूजा स्थल पर बैठें या किसी समीपवर्ती हनुमान मंदिर जाएं। वहां पहुंचकर पूरे मन से व्रत और पूजन का संकल्प लें। बजरंगबली की प्रतिमा के समक्ष घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। उन्हें धूप, लाल पुष्प, रोली, अक्षत और भोग अर्पित करें। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ अवश्य करें।

बूंदी का प्रसाद भी हनुमान जी को काफी प्रिय

भगवान हनुमान को रोट (गेहूं के आटे, सौंफ और गुड़ से बनी मीठी रोटी) या बेसन के लड्डू का भोग अवश्य लगाना चाहिए। इसके अतिरिक्त बूंदी का प्रसाद भी हनुमान जी को काफी प्रिय है। भोग लगाने के बाद आरती करें और अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगें। इसके बाद प्रसाद को अधिक से अधिक लोगों में वितरित करें ताकि पूजा का पुण्य साझा हो सके।

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2026 का अंतिम बड़ा मंगल किस तारीख को और किस दिन पड़ रहा है?
साल 2026 का आठवां और अंतिम बड़ा मंगल 23 जून, मंगलवार को पड़ रहा है। यह ज्येष्ठ मास के समापन के साथ आता है, इसलिए उसका महत्व शास्त्र सम्मत रूप से अधिक माना गया है।
अंतिम बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:04 से 04:44 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 बजे तक, और संध्या काल मुहूर्त शाम 07:22 से रात 08:23 बजे तक बताया गया है। इन मुहूर्तों में की गई आराधना, मंत्र जाप और प्रार्थना का महत्व ग्रंथों के अनुसार माना गया है।
अंतिम बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा करते समय क्या-क्या अर्पित किया जाता है?
पूजा में बजरंगबली की प्रतिमा के समक्ष घी या चमेली के तेल का दीपक जलाकर धूप, लाल पुष्प, रोली, अक्षत और भोग अर्पित किए जाते हैं। साथ ही हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करने की बात कही गई है।
अंतिम बड़े मंगल पर कौन से भोग और परंपरागत दान-सेवा का उल्लेख है?
हनुमान जी को रोट (गेहूं के आटे, सौंफ और गुड़ से बनी मीठी रोटी) या बेसन के लड्डू का भोग लगाने और बूंदी का प्रसाद भी प्रिय माना गया है। इसके साथ सामाजिक स्तर पर भंडारा और प्याऊ लगाकर मीठा शरबत, पूड़ी-सब्जी और हलवा बांटने की गौरवशाली परंपरा बताई गई है।
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