मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक
मुंबई, 24 मई: महाराष्ट्र के डीजी (होमगार्ड) परमबीर सिंह को एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सिंह की गिरफ्तारी पर लगी रोक को बढ़ा दिया है। हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई पुलिस को परमबीर सिंह के मामले पर सुनवाई करते हुए उनको गिरफ्तार ना करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले को 9 जून तक टाल दिया है। अब कोर्ट की गर्मियों की छुट्टियों के बाद रेगुलर बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले अदालत ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त को 24 मई तक गिरफ्तारी से राहत दी थी।

मुंबई पुलिस के इंसपेक्टर भीमराव घाडगे ने 2015 के एक मामले में परमबीर सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने अदालत में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज इस एफआईआर को रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया है। जिस पर कोर्ट में कई सुनवाई हो चुकी हैं।
परमबीर सिंह की ओर से अदालत में कहा गया है कि पूर्व पुलिस आयुक्त ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जिसके बाद उनके खिलाफ ठाणे में ये शिकायत दर्ज की गई है, ये राजनीति से प्रेरित है। इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई को दी जाए। वहीं एफआईआर करने वाले मुंबई पुलिस के इंसपेक्टर भीमराव घाडगे ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा है कि परमबीर सिंह के खिलाफ अत्याचार कानून के तहत की एफआईआर और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देखमुख के खिलाफ सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों को जोड़ना ठीक नही हैं। ये दोनों अलग मामले हैं।
इस साल मार्च में परमबीर सिंह की एक चिट्ठी सामने आई थी, उन्होंने इस चिट्ठी में उन्होंने दावा किया था कि अनिल देशमुख ने गृहमंत्री रहते भ्रष्टाचार किया था और मुंबई से हर महीने उगाही के टारगेट पुलिस अफसरों को दिए थे।












Click it and Unblock the Notifications