Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Maharashtra: क्या थी 12,000 बूथ वाली रणनीति, जिससे BJP ने महाराष्ट्र में जीती अबतक की सबसे ज्यादा सीट?

Maharashtra Election Result 2024: बीजेपी ने महाराष्ट्र में जो ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, उसके पीछे उसकी एक दशक में विकसित हुई एक खास रणनीति है,जिसके दम पर वह कई चुनाव जीत चुकी है। लेकिन, महाराष्ट्र में नया यही हुआ कि बीजेपी ने अपनी उस रणनीति को एक नई धार दी है, जिसने असंभव सा दिखने वाले लक्ष्य को संभव बना दिया। पार्टी के रणनीतिकारों ने उन बूथों पर ज्यादा फोकस किया, जिसकी प्रवृत्ति फ्लोटिंग वोटरों वाले मतदाताओं की रही है।

288 सीटों वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार सिर्फ 149 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। पिछली बार से ज्यादा गठबंधन सहयोगियों की वजह से भाजपा को कुछ ज्यादा सीटें अपने साथियों के लिए छोड़नी पड़ी। लेकिन, पार्टी फिर भी 132 सीटें जीत गई। यह 89% की स्ट्राइक रेट है, जो कि लड़ी गई सीटों के मुकाबले बहुत ही बड़ी सफलता है।

maharashtra election

लोकसभा चुनावों के बाद ही सक्रिय हो गई बीजेपी
भाजपा पिछले एक दशक से 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' को मंत्र मानकर चुनाव तैयारियां करवाती है। पार्टी के पास चुनावी आंकड़े जुटाने से लेकर डेटा एनालिसिस आदि कार्यों के लिए अपनी दो एजेंसियां भी हैं, वराह एनालिटिक्स और जार्विस कंसल्टिंग। ये एजेंसियां पार्टी को चुनाव अभियान की रणनीतियां तैयार करने में भी सहायता करती हैं। बीजेपी ने लोकसभा चुनावों में हार के बाद से ही नेता से लेकर अपने तमाम एजेंसियों और संगठनों को महाराष्ट्र में सक्रिय कर दिया था।

इसे भी पढ़ें- एकनाथ शिंदे को आखिर क्या हुआ? गांव जाते ही कैसे पड़ गए बीमार? अब उनके डॉक्टर ने बताया सबकुछ

स्विंग वाली सीटों पर बूथों पर फोकस
सबसे पहले केंद्रीय मंत्रियों भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव जैसे चुनाव रणनीतिकारों को वहां पार्टी ने चुनाव प्रभारी बनाकर उतार दिया। मध्य प्रदेश में इन्हीं की अगुवाई में पार्टी हवा का रुख बदलकर धमाकेदार जीत दर्ज कर चुकी थी। पार्टी की ओर से जार्विस कंसल्टिंग से कहा गया कि वह उन स्विंग सीटों का पता लगाए, जहां पिछले कुछ चुनावों से पार्टी वोटिंग पैटर्न में बदलाव की वजह से हार रही है या जीत जा रही है।

80 सीटों के लिए बनाई खास रणनीति
ईटी ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट दी है कि पार्टी के आंतरिक सर्वे में 69 ऐसी सीटें पाई गईं, जिसके बारे में पता चला कि उसे जीतने के लिए पार्टी को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। इनमें देवेंद्र फडणवीस और आशीष सेलार जैसे दिग्गज नेताओं की सीटें शामिल थीं। बहुत ही सूक्ष्म विश्लेषणों के बाद पार्टी ने 80 ऐसी सीटों का पता लगाया, जहां 3-4 फीसदी स्विंग से पार्टी की जीत या हार होती रही है। इनमें से 31 सीटें अकेले विदर्भ में थीं।

12,000 स्विंग बूथों पर फोकस बीजेपी ने बदल दी चुनाव की दिशा
अब पार्टी ने उन चुनी हुई 80 सीटों में से स्विंग वाले बूथों को छांटना शुरू किया। इसके लिए पार्टी ने तीन श्रेणियां बनाईं। पहले में वह बूथ रखे गए, जहां पार्टी मजबूत रही है। दूसरे में वैसी सीटें रखी गईं, जहां फ्लोटिंग वोटरों की वजह से पार्टी हारती या जीतती रही है। तीसरी श्रेणी में वे बूथ थे, जहां पार्टी को कभी भी बढ़त नहीं मिली थी।

पार्टी ने अब उन्हीं दूसरी श्रेणी वाले बूथों पर फोकस किया,जिनसे तय होना था कि बीजेपी महाराष्ट्र चुनाव जीत या हार सकती है। ऐसे 12,000 स्विंग बूथों की पहचान की गई, जो कि महाराष्ट्र के कुल 1,00,186 के 12% से कुछ ज्यादा थे और पार्टी ने अपनी पूरा जोर इन्हीं बूथों पर लगा दिया।

पार्टी के अभियान में शामिल एक नेता ने कहा, 'पहली बार ऐसा हो रहा था, जब हम चुनाव के अंदर एक चुनाव लड़ रहे थे और हमारा फोकस पूरे राज्य में सिर्फ उन्हीं 12% मतदान केंद्रों पर था।' इन बूथों पर सितंबर महीने से ही सारे संसाधन झोंक दिए गए।

12,000 स्विंग बूथों पर झोंके गए सारे संसाधन
जानकारी के मुताबिक भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव और पार्टी के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव शिवप्रकाश ने यह सुनिश्चित करवाया कि इन बूथों के लिए जो भी आवश्यकता है, उन्हें उपलब्ध करवाया जाए। वाराह को इन 80 सीटों के लिए खास कंटेंट उपलब्ध करवाने को कहा गया, जो कि स्थानीय वोटरों को जोड़ सके। नासिक, नागपुर, पुणे, मुंबई और ठाणे में 5 कॉल सेंटर काम कर रहे थे, जिनमें से हर में लगभग 200 कॉलर्स को लगाया गया था।

करीब 1,000 कॉलर्स में से प्रत्येक को 10 से 12 बूथ दिए गए। उन्हें हर मतदान केंद्रों के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से हफ्ते में कम से कम एक दिन बातचीत करना था। बीजेपी नेता सुमंत घैसास को इन कॉल सेंटर्स और बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई थी। टीम और उसमें तालमेल में अगर कोई अड़चन थी तो उसे पटरी पर लाने का जिम्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री भहत कराड को दिया गया था।

पूरे देश से बुलाई गई थीं बीजेपी की महिला नेता
पार्टी ने पूरे देश से अपनी महिला नेताओं को भी इस काम के लिए जुटा लिया था और उनमें से से कम से कम एक महिला नेता को प्रत्येक 80 विधानसभा क्षेत्रों में उतारा गया था। यही नहीं, उनके अलावा पार्टी ने प्रत्येक सीटों के लिए एक महिला विस्तारक की भी नियुक्ति की, जो अपनी सीटों के प्रत्येक लक्षित बूथों से संपर्क में थीं, जिसके लिए उन्हें एक स्कूटी भी गई थी।

इसे भी पढ़ें- BJP से होगा सीएम, सहयोगी दलों से 2 डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र सरकार के गठन पर बोले अजित पवार

महिला कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं के बीच तालमेल बिठाने के लिए टिफिन मीटिंग्स आयोजित किए गए, जिनमें सहयोगी दलों की महिला नेताओं को भी शामिल किया गया। इन नेताओं को लाडकी बहिन योजना की कम से कम 50 लाभार्थी महिलाओं से संपर्क करने का लक्ष्य दिया गया था। चुनाव आते-आते बाहर से आई इन महिलाओं नेताओं के साथ स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच एक अंडरस्टैंडिंग बन चुकी थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+