Maharashtra Civic Poll: BJP-कांग्रेस गठबंधन? BMC चुनाव में इस सीट पर हुआ 'खेला', एकनाथ शिंदे का क्या होगा?
BJP Congress alliance Maharashtra Civic Poll: महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा सियासी ट्विस्ट देखने को मिला, जिसने न सिर्फ राजनीतिक दलों बल्कि जानकारों को भी हैरान कर दिया। ठाणे जिले की अंबरनाथ म्युनिसिपल काउंसिल में जहां शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, वहीं BJP और कांग्रेस के अप्रत्याशित गठबंधन ने पूरा खेल पलट दिया।
20 दिसंबर को हुए चुनावों में 60 सदस्यीय अंबरनाथ म्युनिसिपल काउंसिल में शिवसेना (शिंदे गुट) ने 27 सीटें जीतकर सिंगल लार्जेस्ट पार्टी का दर्जा हासिल किया।

हालांकि बहुमत के लिए जरूरी 31 सीटों से वह सिर्फ चार सीटें पीछे रह गई। BJP को 14, कांग्रेस को 12, अजित पवार गुट की NCP को 4 और 2 सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं। किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था।
Ambernath Seat Election: कैसे बदला सियासी पासा?
सत्ता की इस गणित में बड़ा मोड़ तब आया जब आमतौर पर एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले BJP और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया। NCP (अजित पवार गुट) के समर्थन से 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' नाम का गठबंधन बना, जिसके पास कुल 32 सीटें हो गईं-यानी बहुमत से ज्यादा। इसके बाद प्रेसिडेंट चुनाव में BJP की तेजश्री करंजुले पाटिल ने शिवसेना की मनीषा वालेकर को हरा दिया। BJP पार्षद अभिजीत करंजुले पाटिल को ग्रुप लीडर बनाया गया।
BJP नेताओं का दावा है कि यह गठबंधन शिवसेना के "भ्रष्टाचार और डर के शासन" को खत्म कर विकास को प्राथमिकता देने के लिए बनाया गया है। खास बात यह है कि अंबरनाथ क्षेत्र सांसद श्रीकांत शिंदे (एकनाथ शिंदे के बेटे) का इलाका माना जाता है और शिवसेना का गढ़ रहा है।
कांग्रेस-BJP गठजोड़ से कैडर भी हैरान
इस अनोखे गठबंधन ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को भी चौंका दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े शहरों में चुनाव से पहले ऐसे गठबंधन कम ही देखने को मिलते हैं। BJP सूत्रों का कहना है कि स्थानीय चुनावों में स्थानीय नेताओं को फैसले की छूट होती है। वहीं कांग्रेस नेतृत्व की ओर से आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने इस गठबंधन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि BJP एक तरफ 'कांग्रेस-मुक्त भारत' की बात करती है और दूसरी तरफ सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ खड़ी हो जाती है। शिवसेना ने इसे "मौकापरस्त और गलत व्यवस्था" करार दिया है।
शीर्ष नेतृत्व ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि BJP कांग्रेस या AIMIM के साथ गठबंधन नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थानीय नेता ने बिना अनुमति ऐसा किया है तो यह अनुशासनहीनता है और उस पर सख्त कार्रवाई होगी। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी अब तक औपचारिक सहमति सामने नहीं आई है।
इस पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत और प्रियंका चतुर्वेदी ने BJP पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। वहीं शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस गठबंधन पर BJP के वरिष्ठ नेताओं से सवाल पूछा जाना चाहिए।
आगे क्या संकेत?
अंबरनाथ की यह घटना 2026 के बड़े चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत मानी जा रही है। BMC जैसे बड़े सियासी रणक्षेत्र में भी ऐसे अप्रत्याशित गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। BJP इसे विकास और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की दिशा में कदम बता रही है, जबकि शिवसेना इसे सत्ता की राजनीति करार दे रही है। अंबरनाथ में अब विकास बनाम सियासी लड़ाई का दौर तेज होने वाला है।












Click it and Unblock the Notifications