कोविड सेंटर के टेंडर में करोड़ों का घोटाला! संजय राउत के करीबियों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने 14 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह सभी राज्यसभा सांसद संजय राउत के करीबी बताए जा रहे हैं। इनपर कोविड सेंटरों के ठेके में घोटाला करने का आरोप है।
Mumbai: उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता व राज्यसभा सांसद संजय राउत के करीबियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धावा बोला है। एजेंसी ने मुंबई के 14 ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि यह सभी ठिकाने राउत के करीबियों के हैं। यह छापेमारी कोविड सेंटरों के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने में अनियमितता के मामले में की गई है। आरोप है कि कोविड सेंटरों के ठेके में घोटाला किया गया है।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी संजीव जायसवाल और कारोबारी सुजीत पाटकर समेत अन्य कई ठिकानों पर छापेमारी हुई है। पाटकर के फैमिली फ्रेंड हैं। वहीं, अन्य राउत के करीबी हैं।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले साल यानी 2022 में आजाद मैदान पुलिस थाने में मामले को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ। जिसमें बताया गया कि कोविड सेंटरों के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। मामले में बीएमसी की ओर से लाइफ लाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज के पार्टनर्स को दो जंबो सेंटर तैयार करने के लिए 38 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। जिनमें एक पार्टनर सुजीत पाटकर भी थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 में कोरोना काल पीक पर था। इसी दौरान एक पत्रकार की पुणे में मौत हो गई थी। जांच में लाइफ लाइन हॉस्पिटल मैनेजमेंट सर्विसेज का नाम उजागर हुआ। साथ ही पाया गया कि इस संस्था के पास कोई भी मेडिकल अनुभव नहीं था। यहां सिर्फ जूनियर्स डॉक्टर की टीम ही काम करती थी।












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