कौन हैं विवेक बंटी साहू? जिन्होंने नकुलनाथ को मात देकर लिया कमलनाथ से हार का बदला
Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस का अभेद्द किला माने जाने वाली मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट पर 44 साल बाद भाजपा ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर बीजेपी ने विवेक बंटी साहू तो वहीं कांग्रेस पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को चुनाव में उतारा था। जिसमें नकुलनाथ को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
इस चुनाव में बीजेपी ने छिंदवाड़ा को जीतने के लिए शाह से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने मेहनत की थी। यही कारण है कि यह सीट अब भारतीय जनता पार्टी के पाले में आई है। इससे पहले 1997 में भी बीजेपी ने कांग्रेस को उसी के गढ़ में मात देते हुए जीत का परचम लहराया था। तब कमलनाथ को बीजेपी के सुंदर लाल पटवा से हार झेलनी पड़ी थी।

आपको बता दें बंटी साहू ने विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम कमलनाथ को कड़ी टक्कर दी थी। कमलनाथ महज 34 हजार वोट से ही बंटी साहू से जीत पाए। आपको बता दें बंटी साहू को कमलनाथ के सामने दो बार विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। लेकिन, इस लोकसभा चुनाव में विवेक बंटी साहू ने नकुलनाथ को एक लाख 13 हजार 655 वोटों से करारी हार का मुंह दिखाया है।
टिकट अलाउंस के पहले से ही इस सीट पर बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी।विधानसभा चुनाव के परिणामों के दूसरे दिन ही पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा पहुंचकर समीक्षा की थी। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने यहां डेरा डाला था। जिसका खामियाजा ये हुआ की कांग्रेस को इस सीट से हाथ धोना पड़ा है।
बंटी ने कमलनाथ को दी थी कड़ी टक्कर
साल 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी उस दौरान कमलनाथ सांसद थे कमलनाथ ने लोकसभा से इस्तीफा देकर छिंदवाड़ा से दीपक सक्सेना की सीट से चुनाव लड़ा था। इस दौरान भी बंटी साहू ने उन्हें कड़ी टक्कर दी। हालांकि कमलनाथ में 25 हजार वोटो से जीत दर्ज कर ली थी। बंटी साहू तभी से सक्रिय मोड में नजर आ रहे थे और लगातार कमलनाथ को खुलेआम चुनौती दे रहे थे। परिणाम आज सभी के सामने हैं।
विवेक बंटी साहू की अगर जिला अध्यक्ष के तौर पर उपलब्धियां की बात करें तो उनके खाते में नाकामयाबी ही ज्यादा आई है। उनके कार्यकाल के दौरान छिंदवाड़ा नगर निगम के चुनाव जिला पंचायत के चुनाव के साथ ही विधानसभा की सभी सातों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर गुटबाजी भी चरम पर देखने केा मिली थी। जिसके चलते विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा जिले के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से किनारा करते हुए चुनाव प्रचार से दूरी बना ली थी। तो वहीं लोकसभा चुनाव में गुटबाजी को खत्म करके बंटी साहू ने बड़ी जीत दर्ज की है।
अब तक मिले रुझानों के अनुसार छिंदवाड़ा के 6,999 मतदाताओं ने इस चुनाव में 197 लोगों ने नोटा को चुना है। यहाँ कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस सीट पर पिछले लगभग चार दशकों से वरिष्ठ नेता कमलनाथ और उनके परिवार का कब्जा रहा है। जिसमें अब भाजपा सेंध लगाती दिख रही है।












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