Raisen News: रायसेन में देर रात सड़क के पास नजर आया बाघ, वीडियो आया सामने, वन विभाग अलर्ट पर
MP Tiger News: रायसेन जिले के सिंघोरी अभयारण्य से भटककर आया एक बाघ पिछले पांच दिनों से डिमाड़ा गांव के आसपास देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल पैदा हो गया है।
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यह बाघ, जो पहले जंगल में स्वतंत्र रूप से घूमता था, अब गोहिया नाले के घने जंगल में अपना डेरा बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार, इस बाघ ने अब तक एक सुअर, एक गाय और एक बकरी का शिकार कर लिया है, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।

डिमाड़ा और अकोला के बीच स्थित गोहिया नाले के जंगलों में बाघ की गतिविधियों की सूचना के बाद, ग्रामीणों ने अपनी दिनचर्या में बदलाव करना शुरू कर दिया है। खेतों में काम करने से लेकर धान की फसल काटने तक, सब कुछ प्रभावित हुआ है। लोग बाघ की मौजूदगी के चलते काफी डरे हुए हैं, और कई किसान अपने खेतों पर जाने से हिचकिचा रहे हैं।
स्थानीय निवासी एक राहगीर ने सुबह 6 बजे गोहिया नाले की पुलिया पर बाघ को देखा, जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई। ग्रामीणों ने बाघ की मौजूदगी की शिकायत वन विभाग से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। केवल एक वनरक्षक को निहत्थे निगरानी के लिए भेजा गया है, जो सड़क के किनारे अकेले बैठकर बाघ पर नजर रख रहा है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है।
इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश के वन मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने वन विभाग को बाघ को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्री की इस अपील ने स्थानीय समुदाय में थोड़ी राहत की उम्मीद जगाई है, लेकिन सभी की निगाहें अब वन विभाग पर टिकी हैं, कि वह कब इस संकट का समाधान करेगा।
स्थानीय लोग अब इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि बाघ को सुरक्षित तरीके से जंगल में वापस भेजा जाए, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में सामान्यता लौट सके। इस स्थिति ने न केवल डिमाड़ा के लोगों की चिंता को बढ़ाया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है।












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