MP News: मध्य प्रदेश में कोरोना से कैसे हुई तीसरी मौत, 52 वर्षीय महिला की इंदौर में इलाज के दौरान गई जान
MP News: कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर मध्यप्रदेश में मंडराने लगा है। 2025 की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में संक्रमण के मामले धीरे-धीरे बढ़ने लगे थे और अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि प्रदेश में इस साल कोरोना से तीसरी मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मृतक एक 52 वर्षीय महिला थीं, जो रतलाम की निवासी थीं और इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाजरत थीं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड-19 डैशबोर्ड पर इस मौत की पुष्टि की गई है।

गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं महिला
जानकारी के अनुसार, महिला पहले से ही कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें ब्रोंकियल अस्थमा था, 25 साल पहले टीबी हो चुकी थी और वे मधुमेह से भी पीड़ित थीं। उनका HbA1C लेवल 7.4% था, जो मधुमेह की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। इन्हीं जटिलताओं के चलते कोरोना संक्रमण ने उनकी हालत और बिगाड़ दी।
8 जून को जब महिला को सांस लेने में तकलीफ हुई, तब उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 10 जून को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश, 11 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब तक प्रदेश में 123 संक्रमित, 86 एक्टिव केस
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार 11 जून को प्रदेश में कोरोना के 21 नए मामले सामने आए हैं, जो इस साल एक दिन में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं। इसी के साथ वर्ष 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है, जिनमें से 86 मरीजों का इलाज जारी है और 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 3 मरीजों की मौत हो चुकी है।
मृतकों में तीनों महिलाएं, अलग-अलग जिलों से
मप्र में इस साल कोरोना से जिन तीन मरीजों की मौत हुई है, वे तीनों महिलाएं थीं और अलग-अलग जिलों की निवासी थीं:
- रतलाम: 52 वर्षीय महिला, जिन्हें अस्थमा, टीबी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां थीं।
- खरगोन: 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया था। संक्रमण के चलते 6 जून को उनकी मृत्यु हुई।
- इंदौर: 74 वर्षीय वृद्धा, जिन्हें किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में उनका निधन हुआ।
जिलेवार आंकड़े छुपा रहा स्वास्थ्य विभाग
एक ओर जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अब जिलेवार आंकड़े जारी करने से बच रहा है। इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP), जो पहले हर दिन जिलेवार केसों की जानकारी देता था, अब मौन है। जबकि अन्य राज्यों में अभी भी नियमित स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किए जा रहे हैं।
IDSP के प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का। यह पहली बार है जब महामारी के मामलों में इतनी चुप्पी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक संक्रमण को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: हल्के में न लें लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन हल्के लक्षणों के साथ भी गंभीर असर डाल सकते हैं, खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर। बुखार, गले में खराश, खांसी, कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराना जरूरी है।












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