जिला पंचायत चुनाव: मंत्रियों के भाई-भतीजे आमने-सामने, दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भी मैदान में कूदे
सागर। 7 जून
बुंदेलखंड में दिग्गज मंत्रियों के भाई-भतीजे जिला पंचायत चुनाव में आमने-सामने आ गए हैं। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के भतीजे अशोक सिंह बामौरा ने वार्ड क्रमांक चार से नामांकन दाखिल किया है, इसी सीट से परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह के बडे भाई हीरासिंह राजपूत ने भी फॉर्म भरा है। दोनों के नामांकन के बाद चुनाव के लिहाज से यह सीट संवेदनशील बन गई है। इनके अलावा दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक व मंत्री भूपेंद्र सिंह के अन्य रिश्तेदार भी मैदान में कूद पडे हैं।

मप्र के सागर में पंचायतीराज निकाय के चुनावों के नामांकन का आखिरी दिन काफी गहमागहमी भरा रहा। इस दिन जिले के राजनैतिक क्षत्रपों के परिजनों ने ताश के खेल नहले पे देहला की तर्ज पर एक-दूसरे के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य के नामांकन दाखिल कर दिए। शुरुआत प्रदेश के केबिनेट मंत्री गोविंदसिंह राजपूत के अग्रज हीरासिंह राजपूत ने की। उन्होंने वार्ड नंबर 4 से नामांकन जमा कर दिया। राजपूत ने पीठ मोड़ी भी नहीं थी कि इसी वार्ड से प्रदेश के दिग्गज नेता एवं केबिनेट मंत्री भूपेंद्रसिंह के भतीजे अशोकसिंह बामोरा ने भी फॉर्म जमा कर दिया। वहीं अशोक की पत्नी व निर्वमान जिला पंचायत अध्यक्ष दिव्या अशोक सिंह ने इस दफा भी वार्ड नंबर एक से फॉर्म भरा है।
खुद तो जमा किया ही, साले ने भी उसी वार्ड से दावेदारी ठोकी
वार्ड नंबर 4 से हीरासिंह, अशोकसिंह के अलावा एक अन्य ने भी दावेदारी की है। ये हैं अशोकसिंह के साले और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दिव्यासिंह के भाई राजकुमार धनोरा। नामांकन जमा होने तक हाईप्रोफाइल बन चुके इस वार्ड में कुछ और नामांकन भी जमा हुए हैं। चर्चा है कि अशोकसिंह ग्रुप ने डमी नामांकन जमा कराए हैं। जो सीधे-सीधे हीरासिंह का घेराव करने के लिए हैं। वहीं हीरासिंह गुट का कहना है कि अशोकसिंह ने पहले चुनाव नहीं लड़ने की बात कही। इसलिए हमारी ओर से फार्म भरा गया, लेकिन बाद में उन्होंने व रिश्तेदार ने भी फार्म जमा कर दिया। यहां बता दें कि दिग्गजों की इस फेहरिस्त में मंत्री राजपूत के एक अन्य भतीजे टिंकू राजा भी हैं। जिन्होंने वार्ड नंबर 5 से दावेदारी की है। दूसरी ओर वार्ड नंबर 2 से मंत्री भूपेंद्रसिंह के एक अन्य परिजन बिटटूसिंह जो उनके पोते बताए जाते हैं, उन्होंने भी नामांकन जमा कर दिया है।

पूर्व विधायक और जिपं अध्यक्ष हरवंश सिंह राठौर भी मैदान में
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में जीत के बाद अध्यक्ष के पद पर त्रिकोणीय समीकरण बनाने के लिए जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं बंडा से पूर्व विधायक हरवंशसिंह राठौर ने बड़ी ही शांति से वार्ड नंबर 25 से ताल ठोक दी है। हरवंशसिंह राठौर उर्फ सुक्खू की इस वार्ड में तगड़ी पकड़ है। इसलिए उनकी जीत पर संदेह नहीं के बराबर है। इस स्थिति में अगला घमासान सुक्खू के कारण ही जिपं में अध्यक्ष के पद के लिए होगा। ग्रामीण निकायों की राजनीति के सुक्खू मंझे हुए खिलाड़ी हैं, इसलिए उनका चुनाव मैदान में आना, अन्य दिग्गज प्रतिनिधि प्रत्याशियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
26 वार्डों के लिए 200 से अधिक नामांकन
जानकारी के अनुसार आखिरी दिन तक जिला पंचायत के 26 वार्ड के लिए 244 से अधिक नामांकन आए हैं। जबकि जनपद सदस्य, सरपंच व पंचों पदों की कुल संख्या 238 पर चुनाव लडने के नामांकनों की संख्या का आंकडा हजार के ऊपर निकल गया है।
जनपद में भी मंत्रियों के रिश्तेदारों ने ताल ठोकी, महिलाओं को आगे किया
जिला पंचायत की तरह जनपद पंचायत के चुनाव में भी मंत्रियों के रिश्तेदार व परिजन मैदान में कूद पडे हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की बहू साधना सिंह व मत्री भूपेंद्र सिंह के करीबी सचिन मैदान में हैं। ये दोनों निर्विरोध चुने जाएंगे। जनपद पंचायत की 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव होना तय हो गया है। नाम वापसी के साथ इनका रास्ता साफ हो जाएगा। जबकि 7 सीटें ऐसी हैं जिन पर दो-दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा।












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