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MP News: नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी को डिमोशन कर बनाया पटवारी, भ्रष्टाचार के आरोप में कलेक्टर की कार्रवाई

MP News Agar-Malwa: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में एक नायब तहसीलदार को भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोप में डिमोशन (पदावनति) कर पटवारी बना दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद की गई है।

नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी पर लगे गंभीर आरोप

नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी पर नियमों के खिलाफ गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनाने का आरोप है। लोकायुक्त टीम की जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि चंद्रवंशी ने 400 से अधिक राशन कार्डों को एक साल की अवधि के लिए बनवाया था, जो कि पूरी तरह से नियमों के विपरीत था। यह मामला लोकायुक्त के ध्यान में आया, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई।

Tehsildar Arun Chandravanshi was demoted and made Patwari allegations of corruption Agar-Malwa

जांच में मिली गड़बड़ी

लोकायुक्त द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि चंद्रवंशी ने फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की मंशा से नियमों का उल्लंघन करते हुए कई राशन कार्ड जारी किए थे। इस मामले में आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद मंगलवार को कलेक्टर ने नायब तहसीलदार को डिमोशन कर पटवारी के पद पर पदस्थ करने का आदेश जारी किया।

सख्त कार्रवाई से अधिकारियों में खलबली

यह कार्रवाई सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सख्त संदेश है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं। नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी को उज्जैन जिले में पटवारी के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन उनका कद अब पहले के मुकाबले कम कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में एक नायब तहसीलदार (अब पटवारी) पर गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। यह मामला एडवोकेट भागीरथ देवड़ा द्वारा की गई शिकायत के बाद सामने आया। एडवोकेट देवड़ा ने फरवरी 2024 में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी के खिलाफ कलेक्टर, कमिश्नर, मुख्यमंत्री और लोकायुक्त को शिकायत दर्ज करवाई थी।

शिकायत में लगाए गए आरोप

शिकायत में अरुण चंद्रवंशी पर अपने पद का दुरुपयोग, शक्तियों का गलत इस्तेमाल, और रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा, उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए 400 लोगों के गरीबी रेखा के राशन कार्ड एक वर्ष के लिए बनाए थे, जो कि नियम विरुद्ध थे।

फर्जी राशन कार्ड बनाने का आरोप

एडवोकेट भागीरथ देवड़ा ने अपनी शिकायत में अधिकारियों को बताया कि चंद्रवंशी ने बड़ोद तहसील और झोंटा, बीजा नगरी उप तहसील में कार्यरत रहते हुए इन राशन कार्डों को जारी किया। उन्होंने यह भी बताया कि एक साल के लिए राशन कार्ड बनवाना पूरी तरह से अवैध है, क्योंकि भारत में ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसके तहत राशन कार्ड की वैधता केवल एक वर्ष के लिए तय की जाए। यह फर्जीवाड़े की श्रेणी में आता है।

Tehsildar Arun Chandravanshi was demoted and made Patwari allegations of corruption Agar-Malwa

लोकायुक्त की जांच और कार्रवाई

लोकायुक्त द्वारा इस मामले में जांच की गई और पाया गया कि चंद्रवंशी ने जानबूझकर फर्जी राशन कार्ड बनाए और सरकारी नियमों का उल्लंघन किया। इस पर, आगर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी को डिमोशन कर पटवारी के पद पर नियुक्त किया।

अरुण चंद्रवंशी पर पट्‌टे की जमीन बेचने की अनुमति देने और रिश्वत लेने का आरोप

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एडवोकेट भागीरथ देवड़ा द्वारा की गई शिकायत में अरुण चंद्रवंशी पर कलेक्टर के अधिकारों का दुरुपयोग करने और पट्टे की जमीन बेचने की अनुमति देने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा, चंद्रवंशी पर रिश्वत मांगने और न्यायालयीन आदेशों को नज़रअंदाज करने का भी गंभीर आरोप है।

नामांतरण मामले में कदाचार

शिकायत में यह भी बताया गया कि अरुण चंद्रवंशी ने एक विवादित भूमि का नामांतरण कर दिया था, जबकि पूर्व पीठासीन अधिकारियों ने इस नामांतरण को खारिज कर दिया था और मामले को सिविल न्यायालय और कमिश्नर न्यायालय में भेज दिया था। इसके बावजूद, अरुण चंद्रवंशी ने अदालत में चल रहे मामले के बावजूद अपने निजी लाभ के लिए नामांतरण करवा लिया। इस कदाचार को लेकर भी शिकायत की गई थी।

रिश्वत मांगने का आरोप

एडवोकेट भागीरथ देवड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि जब उनके पक्षकार ने पट्टे की भूमि को बेचने के लिए कलेक्टर न्यायालय में आवेदन दिया था, तो अरुण चंद्रवंशी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए रिश्वत की मांग की थी। देवड़ा का कहना है कि चंद्रवंशी ने 25,000 रुपए की रिश्वत मांगी और कहा कि "शासन से मुझे केवल एक चपरासी मिला है और मुझे काम करने के लिए प्राइवेट लोगों को रखना पड़ता है, जिनकी तनख्वाह आप जैसे एडवोकेट से ही होती है"।

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