Bhopal: सीहोर में ‘पंचायत’ वेब सीरीज के चौथे सीजन की शूटिंग, प्रधान जी को किसने मारी थी गोली, इसका खुलासा होगा
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी बेहतरीन कहानी और अद्भुत अभिनय के लिए चर्चित वेब सीरीज 'पंचायत' का चौथा सीजन इन दिनों सीहोर जिले के अलग-अलग स्थानों पर बड़े जोर-शोर से शूट किया जा रहा है।
अक्टूबर के अंत में शूटिंग शुरू हुई थी, जो अब तक ग्राम पंचायत महोडिया, चांदबड़ और निपानिया जैसे गांवों में हो चुकी है। सीरीज के प्रशंसक इस सीजन के रिलीज को लेकर बेहद उत्साहित हैं, और इसके अगले साल रिलीज होने की संभावना जताई जा रही है।

चौथे सीजन में क्या नया होगा?
'पंचायत' के चौथे सीजन में दर्शकों को कई प्रमुख सवालों के जवाब मिल सकते हैं, जिनका इंतजार पिछले सीजन से था। सबसे अहम सवाल यह था कि प्रधान जी को गोली किसने मारी थी। इसके अलावा, पंचायती चुनाव के दौरान गांव में होने वाली राजनीति और सरगर्मियों को भी इस सीजन में प्रमुखता से दिखाया जा सकता है। ऐसे में दर्शकों को राजनीति, साजिश और रहस्यों से भरी कहानी का पूरा आनंद मिलने वाला है।
सीहोर में शूटिंग: स्थानीय लोग भी शामिल
'पंचायत-4' के इस नए सीजन में भोपाल के कलाकारों के साथ-साथ सीहोर जिले के कई गांवों के लोग भी अपने अभिनय का जादू दिखाएंगे। शूटिंग के दौरान, स्थानीय लोग पूरी तरह से मदद कर रहे हैं ताकि इस बड़े प्रोजेक्ट में कोई परेशानी न आए और शूटिंग सुगमता से चल सके। गांव के लोग इस सीरीज के हिस्सा बनने को लेकर खासे उत्साहित हैं, और उनकी पूरी मदद मेकर्स को मिल रही है।

रिलीज डेट की अटकलें
चौथे सीजन को लेकर अनुमान है कि यह 2025 में रिलीज हो सकता है, हालांकि इस पर अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पिछले तीन सीजन में दो-दो साल के अंतराल पर रिलीज हुए थे, तो अगर इस पैटर्न को बरकरार रखा जाता है, तो सीजन 4 को 2026 में भी रिलीज किया जा सकता है।
'पंचायत' के चौथे सीजन के लिए उम्मीदें बहुत अधिक हैं, और यह सीजन दर्शकों को न केवल अपने अद्भुत अभिनय और कहानी से बल्कि गांव की राजनीति, सस्पेंस और रोमांच से भी प्रभावित करने वाला है।
तीसरे सीजन के संकेत
तीसरे सीजन में भूषण कुमार शर्मा (बनराकस) अपनी पत्नी, विनोद और माधव के साथ विधायक से मिलने पहुंचे थे और उन्होंने अपनी पत्नी को प्रधान के चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर की थी। इस खास संवाद ने चुनावी राजनीति के इर्द-गिर्द कहानी की दिशा को संजीवनी दी। यह संकेत देते हैं कि चौथे सीजन में चुनावी घटनाक्रम और गांव की राजनीति की प्रमुख भूमिका हो सकती है।
चुनाव की दबंगई और ग्रामीण राजनीति
सूत्रों के मुताबिक, यदि इस बार कहानी चुनाव के इर्द-गिर्द घूमती है तो दर्शकों को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के फुलेरा गांव में दिखाई जा रही दबंगई और सियासी चालबाजियों का भी सामना हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पंचायत के इस चुनावी समर में ग्रामीण किसका समर्थन करते हैं, और कैसे चुनावी रणनीतियां काम करती हैं।
चुनाव में उम्मीदवारी की घोषणा, गांव में उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा और उनके बीच हो रही गोटियां बिछाने की रणनीतियां दर्शकों को एक नए और रोमांचक मोड़ पर ले जाएंगी। इसके साथ ही, दबंगई और राजनीतिक दांव-पेंच को लेकर भी कुछ दिलचस्प ट्विस्ट देखने को मिल सकते हैं।
चुनावी मैनिपुलेशन और ग्रामीणों की भागीदारी
पिछले सीजन में पंचायत की राजनीति के प्रति ग्रामीणों की नकारात्मक या सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दिखाई गई थीं। चौथे सीजन में यह और भी गहरी हो सकती हैं, क्योंकि चुनावी माहौल के बीच गांव के लोग किसकी सियासी चालों का हिस्सा बनते हैं, इस पर फोकस हो सकता है। एक ओर जहां सियासी जोड़तोड़ हो रहे होंगे, वहीं दूसरी ओर गांववालों की सामूहिक पहचान और समर्थन के आधार पर चुनावी नतीजे भी तय हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, चुनावी सीजन में नए रंग
इस बार के 'पंचायत' के चौथे सीजन में जो बातें चर्चा में हैं, वह हैं चुनाव की उथल-पुथल, सियासी जोड़-तोड़, और ग्रामीणों की राजनीति में भागीदारी। अगर स्टोरी चुनावी राजनीति पर आधारित होती है, तो दर्शकों को राजनीति की नूराकुश्ती और फुलेरा गांव में हो रही राजनीति के नाटक के साथ दिलचस्प मोड़ देखने को मिल सकते हैं।












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