बहू की आबरू बचाने सास ने दी जान की कुर्बानी, बदमाशों ने कुल्हाडी से मार डाला
Madhya Pradesh के बीना तहसील के हड़कारी गांव दो परिवारों में जमीन विवाद के चलते तलवारें खिंची थी। बीती रात 7 बदमाशों ने रंजिश का बदला लेने के लिए खेत पर काम कर रहे परिवार के पुरुषों को घेरकर कमरे में बंद कर दिया और उनके घर जा धमके। यहां बहू को अकेली पाकर उसके साथ अनैतिक काम करने का प्रयास किया। महिला का महज डेढ़ माह का नवजात बच्चा है, बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक दिया। इतने में महिला की सास बीच-बचाव करने और बहू को बचाने आ गई। वह सीधे बदमाशों से भिड़ गईं। इस दौरान बदमाशों ने सास पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। एक के बाद एक कई वार किए जिससे महिला मौके पर रही ढेर हो गई।

Sagar में बीना और खुरई के सीमावर्ती गांव हड़करी में जमीन विवाद में एक पक्ष इतना निर्दयी हो गया कि एकराय होकर 7 बदमाशों ने दूसरे पक्ष पर रात के अंधेरे में हमला कर दिया। पुरुषों को धोखे से खेत पर बने कमरे में बंद कर वे घर पहुंच गए। यहां डेढ़ महीने पहले नवजात को जन्म देने वाली परिवार की बहू को गलत नियत से पकड़ लिया। उसके साथ पलंग पर लेटे नवजात को उठाकर जमीन पर पटक दिया। इतने में सास हिम्मत कर अपनी बहू को बचाने के किए दौड़कर आ गई और बदमाशों को चिल्लाते हुए बहू को छोड़ने और घर से बाहर निकल जाने का कहने लगी। बदमाशों ने उस पर हमला करना शुरु कर दिया और एक ने कुल्हाड़ी सास के सिर में दे मारी। इसके बावजूद सास ने हिम्मत नहीं हारी और बहू को बचाने के लिए जद्दोजहद करती रही। कुल्हाड़ी के कई वार कर दिए।

पोस्टमॉर्टेम के बाद सड़क शव रखकर चक्काजाम
पोस्टमॉर्टेम के बाद मृतका के शव को बीना के सर्वोदय चौराहे पर रखकर परिजनों ने चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने पांच लोगों के नाम पर एफआईआर की है। मुख्य जो दो आरोपी हैं, उनका नाम पुलिस ने एफआईआर से गायब कर दिया है। जब बहू के बयान में 7 लोग बताए गए हैं तो पांच पर क्यों एफआईआर की गई है। चक्काजाम स्थल पर बीना विधायक महेश राय भी पहुंच गए और उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई कराने की मांग की है।
एफआईआर में धाराएं और नाम विवेचना के दौरान बढ़ सकते हैं
परिजन की सूचना पर प्राथमिक जांच में 5 आरोपियों के नाम सामने आए थे, उन पर मामला दर्ज किया है। परिजनों के अभी पूरे बयान नहीं हुए हैं। वे दो और आरोपियों के नाम बता रहे हैं, आरोप सही पाए गए तो उनके नाम भी एफआईआर में जोड़े जाएंगे। किसी भी आरोपी को छोड़ने या उस पर एफआईआर न करने का तो सवाल ही नहीं उठता है।
- कमल निगवाल, बीना थाना प्रभारी, जिला सागर












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