पन्ना टाइगर रिजर्व: हथिनी के बच्चे को लकवा जैसी बीमारी, नहीं संभाल पा रहा खुद का वजन, हो रही फिजियोथेरेपी
सागर, 17 जून। मप्र के पन्ना टाइगर रिजर्व की शान केनकली नाम की हथिनी का बच्चा बीमार है, जन्म के करीब 25 दिन बाद भी छोटा हाथी अपने पैरों पर खडा नहीं हो पा रहा। उसके आगे के पैर तो ठीक हैं, लेकिन पीछे के पैरों में इतनी ताकत नहीं की वह वजन संभाल सके। पीटीआर प्रबंधन उसकी सेहत को लेकर परेशान हैं। देशभर के वन्यप्राणी विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है।

पन्ना टाइगर रिजर्व में बीते 25 मई को केनकली नाम की हथिनी ने बच्चे को जन्म दिया था, लेकिन बच्चा जन्म के बाद से ही अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था। मां का दूध भी नहीं पी पा रहा था। पीटीआर के अधिकारियों ने जबलपुर से वन्यजीव एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम बुलाकर उसका इलाज शुरू कराया जा रहा है। नन्हे हाथी की रोजाना फिजियोथेरेपी भी कराई जा रही है। केनकली के बच्चे की सेहत को लेकर चिंता की सबसे ज्यादा बात यह है कि वह मां का दूध नहीं पी पा रहा है, उसके लकडी के स्ट्रक्चर के सहारे खडा करना होता है। मां के दूध का पोषण न मिलने से उसका वजन भी कम हो रहा है।
बाघों की सुरक्षा में हाथी दल की अहम भूमिका
पन्ना टाइगर रिजर्व में हाल फिलहाल तक करीब 75 बाघ मौजूद हैं। इनकी लोकेशन की जानकारी और सुरक्षा के लिहाज से हाथी दल की विशेष भूमिका होती है। महावत के साथ दल के सदस्य हाथियों पर सवार होकर बाघों की सुरक्षा करते हैं, वहीं पर्यटकों को भी हाथी की सवारी यहां उपलब्ध कराई जाती है।
इलाज के लिए हर संभव प्रयास
पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार हथिनी केनकली के बच्चे की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज चल रहा है। जन्म के से अभी तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा है। देश में जहां भी वन्यजीव विशेषज्ञ से संभव हो पा रहा है हम संपर्क कर इलाज के लिए परामर्श कर रहे हैं।












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