OPINION: विकसित अर्थव्यवस्था और रोजगार के सृजन के लिए समर्पित एमपी सरकार
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का राज्य के औद्योगिक विकास पर बहुत ही ज्यादा फोकस है। खुद सीएम मोहन यादव इसके प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं। उनका लक्ष्य राज्य में निवेश बढ़ाकर औद्योगिक तरक्की करना है। राज्य सरकार सिर्फ बड़े उद्योगों पर ही जोर नहीं दे रही है। छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी उसका बहुत ज्यादा ध्यान है।
लक्ष्य एक ही है कि मध्य प्रदेश तरक्की करे, यहां की अर्थव्यवस्था और बेहतर हो, लोगों के जीवन-स्तर में ज्यादा से ज्यादा सुधार हो और सबसे बढ़कर रोजगार के अवसर पैदा हों, ताकि मध्य प्रदेश के युवा राष्ट्र के निर्माण और उसे आगे ले जाने में अपना संपूर्ण योगदान दे सकें।

औद्योगिक विकास के लिए समर्पित एमपी सरकार
मुख्यमंत्री मोहन यादव राज्य को आगे ले जाने के लिए किस तरह से समर्पित हैं, उसका उदाहरण पिछले दिनों भी देखने को मिला। उन्होंने एक ही दिन मुंबई में इंडिया केम 2024 (India Chem 2024) में भी हिस्सा लिया और उसी दिन भोपाल में एमपी माइनिंग कॉन्क्लेव (MP Mining Conclave) में भी शरीक हुए।

केमिकल उद्योग में निवेश पर एमपी सरकार का फोकस
मुंबई में इंडिया केम 2024 में मुख्यमंत्री के शामिल होने का एकमात्र मकसद था- मध्य प्रदेश में केमिकल और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करना। दरअसल, मध्य प्रदेश में केमिकल, फार्मास्युटिकल, पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक से जुड़े उद्योगों के लिए एक बहुत ही बेहतर इकोसिस्टम बनाया है।

एमपी का विकास भी, युवाओं को रोजगार भी
इस दौरान सीएम ने 50,000 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुए बीना पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पर बात की, जिसकी आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी है। इसी तरह से गेल (GAIL) के भी 35,000 करोड़ रुपए की लागत वाली विशाल पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पर तेजी से काम जारी है, जो अकेले सीधे या परोक्ष रूप से 25,000 रोजगार सृजन करने जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार की लगातार कोशिशों का ही परिणाम है कि आज इस राज्य का फार्मास्युटिकल निर्यात में देश में चौथा स्थान है और यहां कई सारे बड़े फार्मास्युटिकल और केमिकल उद्योग हैं। प्रदेश में फार्मास्युटिकल इकाइयां हैं, जहां से 160 से ज्यादा देशों में दवाइयों का निर्यात होता है।

आज अगर राज्य केमिकल और फर्टिलाइजर सेक्टर में तरक्की कर रहा है, तो इसके पीछे राज्य सरकार की वह नीतियां हैं, जिसकी वजह से निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां यहां उद्योग लगाने को प्रेरित हो रही हैं।
खनन उद्योग पर भी विशेष जोर दे रही है एमपी सरकार
इसी तरह मध्य प्रदेश प्राकृतिक संपदाओं से भरा हुआ राज्य है। इसी वजह से राज्य सरकार खनन क्षेत्र में भी ज्यादा से निवेश आमंत्रित करने पर जोर दे रही है। उसी दिन भोपाल में आयोजित एमपी माइनिंग कॉन्क्लेव में सीएम यादव ने इसी दिशा में लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश की। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उद्यमियों को हर सुविधाएं और बेहतर से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाने के प्रति प्रतिबद्ध है।

इसी भरोसे का परिणाम है कि इसी कार्यक्रम के दौरान 11 औद्योगिक संस्थानों से 19,650 करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव भी आ गए। इस क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार कितनी गंभीर है, वह इसी से पता चलता है कि इस कार्यक्रम में न सिर्फ निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था, बल्कि जियोलॉजिस्ट, वैज्ञानिक, राज्य सरकार के खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भारत सरकार के खनिज मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के साथ-साथ जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारियों को भी बुलाया गया था।
राज्य सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि प्रदेश में बिजनेस-फ्रेंडली माहौल तैयार हो, बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मझोले उद्योगों को भी बढ़ावा मिले। आखिरकार इसी से मध्य प्रदेश की आर्थिक तरक्की में मदद मिलेगी और रोजगार के नए-नए अवसर पैदा होंगे।












Click it and Unblock the Notifications