धर्मांतरण: राष्ट्रीय बाल आयोग ने दमोह एसपी को थमाया नोटिस, उपस्थित होने के निर्देश
धर्मांतरण मामले में जिला प्रशासन और पुलिस का ढुलमुल रवैये और आज तक एक भी गिरफ्तारी नही होने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने अब एसपी को नोटिस जारी कर तलब किया है। इसके पूर्व कलेक्टर को आयोग तलब कर चुका है।

Madhya Pradesh के दमोह में धर्मांतरण मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकर आयोग ने दमोह के पुलिस अधिक्षक एसपी डीआर तेनीवार को नोटिस जारी कर तलब होने के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस मामले में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी न करने और मामले में कार्रवाई की जानकारी आयोग को न देने के कारण दिया गया है। इसके पूर्व दमोह कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को भी तलब किया गया था।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने दमोह के पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को नोटिस जारी कर आयोग के सामने उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। अब पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार को नोटिस जारी कर आगामी 12 दिसंबर को प्रस्तुत होने के निर्देश दिए गए है। कलेकटर एसकृष्ण चैतन्य बीते 5 दिसंबर को आयोग के सामने प्रस्तुत हुए थे। बता दें कि आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रियंक कानूनगो ने बीते महीने एक शिकायत के बाद दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित तीन बाल भवन का निरीक्षण किया था। यहां पर करीब 194 बच्चे दर्ज थे, जिनमें से 148 बच्चे मौजूद थे। यहां पर बच्चों के धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया था। मौके पर डिंडोरी का एक किशोर पास्टर की ट्रेनिंग ले रहा था। इस मामले में डॉ. प्रियंक कानूनगो व मप्र बाल अधिकार आयोग के सदस्य ओमकार सिंह ने थाने पहुंचकर खुद एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की हैं, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की है
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली थी। दमोह में ही गरीब परिवारों को पैसे का लालच देकर उन्हें इसाई बनाया गया था। करीब दर्जन भर लोगों ने इसकी शिकायत की थी। इस मामले में भी एफआईआर कराई गई थी। इसके अलावा रायसेन जिले के एक बाल भवन में हिन्दू बच्चों को मुस्लिम पहचान दी जा रही थी। इस मामले में पिता की शिकायत के बाद बच्चों को दमोह लाया गया था। इस प्रकार यह तीसरी शिकायत दर्ज कराई थी। इन मामलों में पुलिस ने अभी तक एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई है।












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