MP Weather: भीषण गर्मी में झुलसेंगे ये जिले, अलर्ट जारी, ध्यान से पढ़ें एडवाइजरी
MP Weather: मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में इन दिनों गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है, जहां लगातार तापमान बढ़ता चला जा रहा है, तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी के चलते अब आम जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आ रहा है, जहां दोपहर में सड़के सूनी नजर आ रही है। इधर, मौसम वैज्ञानिकों की माने तो कुछ दिनों तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में पिछले दिनों लगातार भारी बारिश और हवा-आंधी का दौर देखने मिल रहा था, जहां अब हवा-आंधी का सिलसिला थम चुका है। वहीं अब हवा आंधी का सिलसिला थमने के बाद गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया है, जहां लगातार बढ़ती गर्मी अब अपना असर दिखा रही है।

गर्मी से मानव स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव
गर्मी से मानव स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव तथा रोगो से बचाव एवं उपचार हेतु एडवाईजरी जारी की गई है जिसमें अधिक तापमान एवं गर्म हवाओं के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु उपाय सुझाएं गए है ताकि गर्म हवा से होने वाली समस्या तथा जटिलताओं का समय पर पहचान एवं इलाज करते हुए रोगो तथा मृत्यु का कम किया जा सके। आमजन को जागरूक व सही जानकारी से अवगत कराने के उद्देश्य से एडवाईजरी निम्नानुसार है-
लू (Heat Stroke):-
लू लगना शरीर की वह अवस्था है जिसमे गर्मी के कारण शरीर का तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियय के पास पहुंच जाता है और मन में उलझन की स्थिति रहती है। यह स्थिति एकाएक आ सकती है या धीरे-धीरे हो सकती है।
लू के लक्षण:-
तेज बुखार के साथ मुंह का सुखना। चक्कर और उल्टी आना। कमजोरी के साथ शरीर मे दर्द होना। शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का ना आना। सिर में भारीपन और दर्द का अनुभव होना। अधिक प्यास लगना और पैशाब कम आना। भूख कम लगना। बेहोश होना।
लू से बचाव के उपाय:-
लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर मे पानी और खनिज मुख्यता नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिये:-
पानी अधिक मात्रा में पीये, अधिक समय तक धूप मे न रहें, बहुत अनिवार्य हो तो ही घर से बाहर जायें, बच्चे बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्ति घर से बाहर कम निकले, विशेषतः दोपहर में 12 से 04 बजे के मध्य घर से बाहर ना जाऐ, धूप में निकलने से पहले सर एवं कानों को कपडे से अच्छी तरह से ढक ले, गर्मी के दौरान नरम, मुलायम, सूती हल्के ढीले-ढाले सूती वस्त्र पहनना तथा धूप में चश्मा, छाता, टोपी एवं जूता पहन कर घर से निकले, अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ०आर०एस० घोल, लस्सी, मटठा एवं फलों का रस पीये जिससे शरीर में मिनेरल्स की कमी न होने दे, गरिष्ठ एवं मसालेदार भोजन से बचे, चक्कर आने, मितली आने पर छाया दार स्थान पर आराम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मटठा आदि का सेवन करें, गर्म हवाओं की स्थिति जानने के लिए रेडियो, टी. वी. पर मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त करते रहे, उल्टी, सिरदर्द तेज बुखार की स्थिति में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से परामर्श प्राप्त किया जाए, यात्रा के समय पानी की बोतल, ओ.आर.एस. पेकेट साथ में रखना चाहिये।
लू लगने पर किया जाने वाला प्रारंभिक उपचार:-
अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलाये जैसे कच्चे आम का पना एवं जलजीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटा देवें, बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगावें, शरीर पर ठंडे पानी का छिडकाव करते रहें। पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सक या अस्पताल में इलाज के लिए ले जायें, आशा/ए.एन.एम से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।
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