Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: रायसेन के पठारी गांव में आबकारी विभाग की टीम पर हमला, ADO सरिता चंदेल घायल, 11 पर FIR, 4 गिरफ्तार

MP News: (Excise)- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ग्राम पठारी में बुधवार तड़के उस समय तनाव फैल गया जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।

इस हमले में आबकारी विभाग की सहायक जिला अधिकारी (ADO) सरिता चंदेल गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें सिर में चोट लगी है और वर्तमान में जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चार को गिरफ्तार कर लिया है।

MP News Excise department incident in Pathari village of Raisen FIR ADO Sarita Chandel 11

घटना का विवरण: सुबह 4 बजे कार्रवाई के दौरान हमला

थाना कोतवाली प्रभारी संदीप चौरसिया के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 4 बजे आबकारी टीम पठारी गांव में अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची थी। टीम ने एक महिला को अवैध महुआ शराब के साथ पकड़ा, जिसके बाद महिला ने अपने परिवार और अन्य ग्रामीणों को बुला लिया। देखते ही देखते ग्रामीणों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई।

इस दौरान ADO सरिता चंदेल के सिर पर पत्थर लगने से वह घायल हो गईं और टीम को वहां से पीछे हटना पड़ा। घटना के बाद सरिता चंदेल को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस का एक्शन: 11 नामजद, 4 गिरफ्तार, इलाके में अतिरिक्त बल तैनात

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामला दर्ज किया। IPC की धारा 147, 148, 149, 323, 294, 332, 353 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य सात की तलाश जारी है। गांव में तनाव की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पठारी गांव और अवैध शराब की काली सच्चाई

थाना प्रभारी संदीप चौरसिया ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष सात की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले के पीछे के कारणों और अन्य शामिल लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

पठारी गांव और अवैध शराब का कारोबार

रायसेन जिला, विशेष रूप से ग्राम पठारी, लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार का केंद्र रहा है। महुआ शराब, जो स्थानीय रूप से निर्मित और सस्ती होती है, इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बनाई और बेची जाती है। मार्च 2025 में, रायसेन जिले के कटक और जमनझिरी गांवों में आदिवासी महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ स्वयं कार्रवाई की थी और सैकड़ों बोतलों को नदी में फेंक दिया था, जिससे यह मुद्दा सुर्खियों में आया था। उस समय महिलाओं ने आबकारी विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाइयों को तेज करने का दावा किया था।

हालांकि, बुधवार की घटना दर्शाती है कि अवैध शराब का कारोबार अब भी जारी है, और प्रशासन की कार्रवाइयों का स्थानीय स्तर पर तीखा विरोध हो रहा है। ग्राम पठारी में अवैध शराब का कारोबार न केवल आर्थिक गतिविधि का हिस्सा है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक ढांचे को भी प्रभावित कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सस्ती शराब की उपलब्धता के कारण युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिससे घरेलू हिंसा और अन्य सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

MP News: आबकारी विभाग का रुख: कड़ी कार्रवाई का आश्वासन

आबकारी विभाग ने इस हमले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। रायसेन के आबकारी अधिकारी विजय सिंह ने कहा, "हमारी टीम अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। यह हमला निंदनीय है, और हम पुलिस के साथ मिलकर सभी दोषियों को सजा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें छापेमारी और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।

आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में रायसेन जिले में अवैध शराब के खिलाफ 150 से अधिक छापेमारी की गईं, जिनमें हजारों लीटर महुआ शराब और अन्य अवैध सामग्री जब्त की गई। हालांकि, स्थानीय स्तर पर विरोध और हमले विभाग के लिए नई चुनौती बन रहे हैं।

MP News: सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना ने रायसेन जिले में सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पटेल ने कहा, "अवैध शराब का कारोबार रायसेन के लिए अभिशाप बन गया है। आबकारी विभाग की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन ग्रामीणों का हिंसक विरोध चिंता का विषय है। सरकार को इस समस्या के मूल कारणों, जैसे बेरोजगारी और गरीबी, पर ध्यान देना चाहिए।"

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना का उपयोग सरकार की नाकामी को उजागर करने के लिए किया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने कहा, "रायसेन में अवैध शराब का कारोबार बीजेपी सरकार की विफलता का सबूत है। आबकारी विभाग की टीम पर हमला इस बात का संकेत है कि कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"

दूसरी ओर, स्थानीय बीजेपी विधायक और राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, जिनके निर्वाचन क्षेत्र में पठारी गांव आता है, ने इस घटने की निंदा की है। उन्होंने कहा, "अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को किसी भी तरह से बाधित नहीं किया जाएगा। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, और मैं आबकारी विभाग के साथ मिलकर इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए काम करूंगा।"

रायसेन में अवैध शराब और पहले की घटनाएं

रायसेन जिला अवैध शराब के कारोबार के लिए कुख्यात रहा है। 2015 में, रायसेन के गोपीसुर गांव में दो लोगों की महुआ शराब के सेवन से मृत्यु के बाद स्थानीय बंजारा समुदाय की पंचायत ने शराब बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह कदम आबकारी विभाग के लिए एक प्रेरणा था, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव सीमित रहे। मार्च 2025 में कटक और जमनझिरी गांवों में आदिवासी महिलाओं द्वारा अवैध शराब की बोतलों को नष्ट करने की घटना ने भी सुर्खियां बटोरी थीं।

इन घटनाओं के बावजूद, अवैध शराब का कारोबार रायसेन के ग्रामीण इलाकों में एक गंभीर समस्या बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कारोबार को रोकने के लिए केवल छापेमारी पर्याप्त नहीं है। सामाजिक जागरूकता, वैकल्पिक रोजगार के अवसर, और सख्त कानूनी कार्रवाई के संयोजन की आवश्यकता है।

सड़क सुरक्षा

अवैध शराब का कारोबार न केवल कानूनी समस्या है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और सामाजिक ढांचे को भी प्रभावित करता है। रायसेन में सस्ती महुआ शराब की उपलब्धता के कारण नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। 2024 में, रायसेन जिले में नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण 50 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें कई लोगों की जान गई।

इसके अलावा, अवैध शराब का सेवन घरेलू हिंसा, पारिवारिक कलह, और युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा दे रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सीमा राठौर ने कहा, "पठारी जैसे गांवों में अवैध शराब का कारोबार महिलाओं और बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। सरकार को इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+