MP assembly election 2023: 'खबरदार' शिव की तीसरी आंख देख रही तंत्र के अंदर और बाहर
MP Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में मिशन 2023 में फतह पाने भाजपा हो या फिर कांग्रेस, हर तरह की कसरत में जुटी हैं। सूबे में चार बार के सिरमौर बने सीएम शिवराज की तीसरी आंख भी हैं। जानिए पूरा मामला इस आर्टिकल में।
MP Assembly Election 2023: बात सुनने-समझने में भले अटपटी लगे, लेकिन है सौ टका सही। मध्य प्रदेश में इन दिनों एक खास टीम मुख्यमंत्री के लिए काम कर रही है। इस टीम को तंत्र में उच्च स्तर पर 'सीएम-फालो' के नाम से जाना जाता है। इस टीम के सदस्य स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं।
इनका कार्य क्षेत्र कोई कार्यालय या क्षेत्र विशेष नहीं बल्कि वे व्यवस्था के प्रत्येक हिस्से पर नजर रख रहे हैं। इस टीम के लोग सभी जगह सक्रिय हैं। 'सीएम-फालो' की टीम अपनी रिपोर्टिंग सीधे जिला प्रशासन और सीएम हाउस को कर रही है।
प्रदेश के प्राय: सभी जिलों में 'सीएम-फालो' की टीमें व्यवस्था के अंदर और बाहर नजर रख रही हैं। सूत्र बताते हैं कि ये टीम काम तो एक एनजीओ की तरह कर रही है, लेकिन इसका नाता सीधे सीएम के दफ्तर से है।
जिले के आकार और प्रशासनिक संरचना के अनुरूप इस टीम में सदस्य रखे गए हैं। सीएम-फालो के जबलपुर डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर नित्या शुक्ला के मुताबिक जिले में इस समूह के लिए करीब 105 लोगों की टीम काम कर रही है। जबकि प्रदेश में करीब 4700 युवा इससे जुड़े हैं।
यह टीम दूरदराज के गांवों तक जा रही है और वहां से गुपचुप फीडबैक इकट्ठा कर रही है। इस दौरान सामने आ रहे तथ्यों को डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर के माध्यम से सीएम की एक खास टीम को पहुंचाया जा रहा है। शुरुआती दौर में शासन की योजनाओं और उनके कार्यान्वयन पर ही फोकस किया जा रहा है।

इसी टीम की अनुशंसा पर हुए सम्मान
सूत्र बताते है कि टीम की अनुशंसा भी कई बड़े फैसले के मापदंड में शामिल हैं। कई जिलों में होने वाले सम्मान में यही देखने को आया। कुछ समय पहले जबलपुर के मानस भवन में युवाओं का सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कार्य करने वालों को सीएम ने सम्मानित किया। बताया जाता है कि सीएम-फालो की टीम ने ही यह लिस्ट तैयार की और भोपाल से उन नामों को फाइनल किया गया।

कोई भी नजर से बाहर नहीं
यह टीम गोपनीय तरीके से जानकारियां एकत्र कर रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके माध्यम से मौजूदा मंत्रियों, विधायकों और भाजपा के अन्य दावेदारों की जमीनी हकीकत भी पता लगवाई जा रही है। इसी तरह से अफसरों का भी फीड-बैक भी यह टीम एकत्रित कर रही है। हालांकि टीम सीएम फालो से जुड़े लोग इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। बताया जाता है कि इस टीम के बारे में प्रशासन के आला अफसरों को भी जानकारी है और वो उसे तवज्जो भी दे रहे हैं।

5-5 गांवों का क्लस्टर
टीम के लिए मैदानी स्तर पर काम करने वालों को इंटर्न नाम दिया गया है। जिले में 105 इंटर्न हैं जिन्हें पांच-पांच ग्राम पंचायतों के क्लस्टर बनाकर दिए गए हैं। ये इंटर्न अपनी जानकारी डिस्ट्रिक को-आर्डिनेटर को देते हैं, जो उन्हें सीएम हाउस को पहुंचाते हैं। इस टीम के डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर एक एडीएम को भी जानकारी साझा करते हैं। सीएम-फालो के जबलपुर डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर नित्या शुक्ला खुद बताते है कि शासन की योजनाओं का फीडबैक हम लोगों को जिला प्रशासन और सीएम कार्यालय को पहुंचाना होता है। जिले में हमारी टीम में करीब 105 लोग काम कर रहे हैं।












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