धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 को एमपी कैबिनेट में मिली मंजूरी, यह होगा सजा का प्रावधान
Dharma Swatantrata Ordinance 2020, भोपाल। कथित 'लव जिहाद' (Love Jihad) की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 (Dharma Swatantrata Ordinance 2020) को मंजूरी दे दी है। शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई (Shivraj Singh Chouhan) वाली कैबिनेट में सर्वसम्मति के बाद यह मंजूरी दी गई है। अब इस अध्यादेश (Ordinance) को मंजूरी के लिए राज्यपाल (Governor) को भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह नया कानून (new law) पूरे प्रदेश में लागू होगा।

ऐसा माना जा रहा है कि राज्यपाल जल्द ही इस अध्यादेश पर अपनी मुहर लगा देंगी। इसके बाद इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया जाएगा। इस अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी के बाद 6 महीने के अंदर विधानसभा से पारित कराना पड़ेगा। ऐसे में इस बजट सत्र में इसे पेश किया जाएगा। धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश में 19 प्रावधान हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश से पहले उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश लाया गया। यहां पर 26 नवंबर को आनंदी बेन ने मंजूरी दी थी। वहां विधानसभा सत्र नहीं होने के कारण अध्यादेश के माध्यम से लाया गया, जबकि मध्यप्रदेश में विधानसभा सत्र प्रस्तावित था, लेकिन इसके स्थगित होने के कारण अब इसे अध्यादेश के रास्ते लाया जा रहा है।
यह होगा सजा का प्रावधान
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 कानून के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020' के पास होते ही 1968 वाला धर्म स्वातंत्र्य विधेयक समाप्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि इसमें कुल 19 प्रमुख प्रावधान है। साथ ही कहा, 'नए विधेयक के तहत, किसी पर धर्म परिवर्तन के लिए किसी को 1-5 साल की कैद और न्यूनतम 25,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।' तो वहीं, नाबालिग युवती, महिला या अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति का जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 50,000 रुपए के न्यूनतम दंड के साथ 2-10 साल की न्यूनतम जेल अवधि का प्रवधान है।
अपना धर्म छुपाकर अधिनियम का उल्लंघन किए जाने पर तीन साल से 10 साल की जेल अथवा अर्थ दंड कम से कम 50 हजार रुपए का न्यूनतम प्रवधान है। सामूहिक धर्म परिवर्तन, दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक ही समय में धर्म परिवर्तन करके अधिनियम का उल्लंघन किए जाने पर पांच से 10 साल की कारावास अथवा अर्थ दंड जो कम से कम एक लाख रुपए का प्रवधान है। कानून बनने पर कोई भी व्यक्ति दूसरे को प्रलोभन, धमकी एवं बलपूर्वक विवाह के नाम पर अथवा अन्य कपटपूर्ण तरीके से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष से उसका धर्म परिवर्तन अथवा धर्म परिवर्तन का प्रयास नहीं कर सकेगा। सीएम ने बताया कि प्रस्तावित अधिनियम में दर्ज़ अपराध संज्ञेय और गैरजमानती होंगे। इसकी सुनवाई के लिए सत्र न्यायालय ही अधिकृत होंगे।
शिवराज सरकार की कैबिनेट मीटिंग में इन अध्यादेशों को मिली मंजूरी-
मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित, मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी (संशोधन ) विधेयक,2020 को मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने का विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने हेतु लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) विधेयक, 2020 को मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने के लिये पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश वेट (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित, मध्यप्रदेश वेट (द्वितीय संशोधन) 2020 विधेयक को मध्यप्रदेश वेट (द्वितीय संशोधन)अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही हेतु वाणिज्यिक कर विभाग को अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर (संशोधन) विधेयक, 2020 को मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में तथा मध्यप्रदेश हाई स्पीड डीजल उपकर (संशोधन) विधेयक, 2020 को मध्यप्रदेश हाई स्पीड डीजल उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग को अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित, मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2020 को मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने हेतु सहकारिता विभाग को अधिकृत किया गया।
दण्ड विधि (मध्यप्रदेश संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित दण्ड विधि (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक, 2020 को दण्ड विधि (मध्यप्रदेश संशोधन)अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने का विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने हेतु विधि और विधायी कार्य विभाग को अधिकृत किया गया।
मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2020
मंत्रि-परिषद ने पूर्व में अनुमोदित, मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020 को मध्यप्रदेश भोज(मुक्त) विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2020, डाँ. बी.आर.अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020 को डाँ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2020 तथा पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020 को पंडित एस.एन.शुक्ला विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के रूप में प्रभावशील करने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया।
मंत्रिपरिषद ने पूर्व में अनुमोदित ,मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) द्वितीय संशोधन विधेयक, 2020 श्री अरबिन्दो विश्वविद्यालय, इन्दौर एवं महाकौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्थापना को, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) द्वितीय संशोधन अध्यादेश, 2020 श्री अरबिन्दो विश्वविद्यालय, इन्दौर एवं महाकौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्थापना के रूप में प्रभावशील करने का विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया तथा आनुषांगिक विधिक कार्यवाही करने के लिये उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया।












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