Tiger Relocation Project: शिवपुरी की धरती पर 34 साल बाद टाइगर ने रखा कदम, पिंजरे से बाहर आते ही गुर्राया
माधव नेशनल पार्क में शिवराज सिंह चौहान ने जैसे ही पिंजरे का लीवर घुमाया चंद सेकंड में फुर्तीली बाघिन ने गुर्राते हुए शिवपुरी की धरती पर पहला कदम रखा। वह आसपास एक क्षण के लिए रुकी और फिर बाड़े में सरपट दौड़ लगाकर चली गई।


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मध्य प्रदेश में जल्द ही एक और टाइगर अभयारण बनने जा रहा है। शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क में शुक्रवार को दो बाघों को छोड़ा गया है। इसमें एक मादा और एक नर बाघ हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो अलग-अलग पिंजरों के लीवर घुमाकर बाड़ों में बाघों को आजाद किया। बाघ विहीन हो चुके माधव नेशनल पार्क में 1989 के 34 साल बाद बाघों ने यहां की धरती पर कदम रखा है।

बाघों के पुनर्स्थापन के लिए यहां व्यापक पैमाने पर तैयारियों की गई हैं। यहां पर विशेष रूप से पांच बाघों के लिए तीन बाड़े बनाए गए हैं, इनको इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि बाघ जाली के इस तरफ से उस तरफ के बाघ को नजदीक से देख सकें। ताकि भविष्य में जंगल में खुला छोड़ने के बाद उनमें संघर्ष जैसी स्थिति न बनें

सिंधिया के साथ बेटे और पत्नी भी पहुंची थी
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जब बाघों को छोड़ने के लिए माधव नेशनल पार्क पहुंचे तो उनके साथ में पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया और बेटे महाआर्यमन भी पहुंचे थे। सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ जब बाघों को बाड़े में छोड़ा गया तो उस दौरान मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, वन मंत्री विजय शाह, सांसद केपी यादव, प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया भी साथ में मौजूद थे।












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