MP News: विधानसभा चुनाव रिजल्ट को लेकर कमलनाथ ने एग्जिट पोल और दिग्विजय ने EVM पर उठाए सवाल
कांग्रेस की हार को लेकर प्रत्याशियों के साथ हो रही समीक्षा बैठक में बृजेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बार फिर एग्जिट पोल पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल तो माहौल बनाने के लिए था, कहीं तो चुनाव परिणाम में गड़बड़ हुई है। उन्होंने कहा है कि जिसको पहले से परिणाम पता थे, ऐसा लगता है कि उन्होंने ही एग्जिट पोल बनाया।
कमलनाथ ने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि क्या माहौल था। कुछ विधायकों ने मुझसे कहा कि मेरे अपने गांव के पोलिंग में एक तरफ उन्हें वोट मिले लेकिन वह इस पोलिंग से हार गए कांग्रेस ने मंगलवार को सभी 230 उम्मीदवारों को भोपाल बुलाया था। इनमें से जीतने वाले अधिकांश विधायक तो भोपाल पहुंचे, लेकिन हारने वाले कुछ विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

दिग्विजय सिंह ने फिर उठे EVM पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाए उन्होंने सोशल मीडिया पर डाक मत पत्रों में कांग्रेस को 199 सीटों पर मिली बढ़त से एवं के वोटों की तुलना की है। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि आंकड़ों में एक प्रमाण है जो यह बताता है कि पोस्टल बैलेट के जरिए कांग्रेस को 199 सीटों पर बढ़त मिली है। जबकि इनमें से अधिकांश सीटों पर एवं एकाउंटिंग में हमें मतदाताओं का पूर्ण विश्वास न मिल सका। सोचने की बात यह है कि जब जनता वही है तो वोटिंग पैटर्न इतना कैसे बदल गया।
जहां कांग्रेस पार्टी बडे़ अंतर से पराजित हुई है, वहां 100 से अधिक ईव्हीएम मशीनें मतगणना के समय 99 प्रतिशत तक चार्ज मिली। जबकि मतदान के दौरान 10 घंटे से ज्यादा इनका उपयोग हो चुका था। इसका आशय हुआ कि मतगणना की प्रक्रिया के दौरान इन मशीनों का बिल्कुल उपयोग नहीं हुआ, जो कि किसी भी सूरत में संभव नहीं है। इससे इस बात का शक होता है कि या तो ईव्हीएम बदलीं गई या उनके साथ छेड़छाड़ की गई।
- प्रत्याशियों ने बताया कि औसतन 100 ईव्हीएम मशीने या 20 हजार वोट से छेड़छाड़ का गंभीर मामला दिखाई देता है।
- जब पोस्टल वोट में कांग्रेस को प्रचण्ड बहुमत मिल रहा था तो ईव्हीएम मशीन में अचानक से कम हो जाना संदेह पैदा करता है।
- इस हेरफेर से भाजपा ने जब ज्यादातर सीटों पर अपनी बढ़त हासिल कर ली, तो प्रशासन पर दबाव बनाकर मतगणना के आखिरी पांच राउंड में कम अंतर से पीछे चल रहे या आगे चल रहे कांग्रेस के प्रत्याशियों को हारा हुआ घोषित कर दिया गया।
- सभी प्रत्याशियों ने कहा कि मप्र की जनता ने कमलनाथ जी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है और प्रत्याशियों को भी कमलनाथ जी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है, अब असल आवश्यकता इस बात की है कि पूरी तरह संदिग्ध हो चुकी ईव्हीएम को चुनाव प्रक्रिया से हटाने के लिए कारगर उपाय किये जाएं।
- प्रत्याशियों ने यह भी बताया कि इस बार उन्हें भाजपा के प्रभाव वाले बूथों पर पहले की तुलना में ज्यादा वोट मिले, जबकि उनके सबसे मजबूत बूथों पर उनके वोट अप्रत्याशित रूप से नीचे आये।
- कांग्रेस प्रत्याशियों के विचार सुनने के बाद श्री कमलनाथ ने कहा कि सभी प्रत्याशी विस्तार से और तथ्यों के साथ अपनी रिपोर्ट उन्हें भेजें। ईव्हीएम को लेकर उन्हें भी बहुत सी शिकायतें मिली हैं। इस मुद्दे को वह राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली की बैठकों में उठायेंगे और इस विषय पर संपूर्ण रूप से गहन अध्ययन कर समाधान करने का रास्ता निकालेंगे।
कमलनाथ ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस प्रत्याशियों को अपनी अन्य कमियों को नहीं देखना है। हमें अपने एक-एक कमी को दूर करके लोकसभा चुनाव में उतरना है और कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाना है।
बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अजय सिंह राहुल भैया, डॉ गोविंद सिंह, सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल, रामनिवास रावत, रामेश्वर नीखरा, औंकार मरकाम सहित कांग्रेस के सभी जीते हुए विधायक और प्रत्याशी बैठक में उपस्थित थे।












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