शादी में पंडित को बुलाना भूल गए, फिर इस तरह हुई बिना पंडित के शादी
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भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल के अशोकनगर इलाके में हुई एक शादी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल घरवालों ने शादी की तैयारियां तो पूरी कर ली लेकिन जब फेंरों की बारी आई तो याद आया कि पंडित जी को तो बुलाया ही नहीं है। शादी जैन समाज की थी तो विवाह दिगंबर जैन पद्धति से होना था लेकिन वहां पर उस विधि से विवाह संपन्न कराने वाला कोई पंड़ित मौजूद ही नहीं था।

इंटरनेट पर विवाह संपन्न करने की विधि खोजी
ये मामला पिपरई गांव का है। गत सोमवार को जैन धर्मशाला में सजल और आयुषि का विवाह हो रहा था। सभी कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब फेरों की बारी आई तो पंडितजी ना होने के चलते वर-वधु पक्ष दुविधा में आए गए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर समाज के पंडितजी को खोजा गया, तो वे नहीं मिले। इसके बाद वहां पर मौजूद एक लड़के ने इंटरनेट पर विवाह संपन्न करने की विधि खोजी।

इंटरनेट की मदद से हुई शादी
नेट पर काफी खोजबीन के बाद आखिरकार 45 मिनट की जैन समाज के विवाह संस्कार की वैदिक विधि मिल गई। इसके बाद जिनवाणी को विराजमान कर वैदिक रीति रिवाज से श्लोकों के साथ विवाह संपन्न कराया गया।

विवाह में पंडित की भूमिका एक रिश्तेदार ने निभाई
इस विवाह में पंडित की भूमिका एक रिश्तेदार ने निभाई। इस दौरान द्रव्य से पूजन, अर्चना कराकर , हवन, जैन विधि से फेरे और कन्यादान कराया गया। विवाह संपन्न होने के बाद ये अनोखी शादी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि लोग इंटरनेट की प्रशंसा कर रहे है कि अगर विधि नहीं मिलती तो शादी में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता।












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