सीएम डॉ. मोहन यादव राष्ट्रीय कला उत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल, कहा- अनेकता में एकता ही भारत की पहचान है
Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार (3 जनवरी) को भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में छात्रों ने कलात्मक प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का आरंभ स्वागत गीत शुभ स्वागतम से हुआ। इस दौरान विभिन्न राज्यों जैसे हिमाचल, कश्मीर, लद्दाख और अन्य जनजातीय क्षेत्रों की थीम पर छात्रों ने कला का प्रदर्शन किया।
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा भारतीय संस्कृति में तो नृत्य कला से भी कथा कही जा सकती है। ये हमारी एक अच्छी परंपरा है। उन्होंने कहा कि 2015 से कला उत्सव कराने का निर्णय किया गया। इसी के माध्यम से विद्दार्थी जीवन में उनकी कला को पहचानना, उनकी प्रतीभा को आगे बढ़ाने और निखारने का मौका मिलता है। सीएम ने कहा अनेकता में एकता भारत की विशेषता है और सांस्कृतिक रुप से हमारी विरासत भी बहुत समृद्ध रही है।

राष्ट्रीय कला उत्सव कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि हमारा देश विविधता का देश है। लेकिन भारत की दुनिया में एक अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अंदर 200 से ज्यादा देश है लेकिन भारत एक ऐसा देश है जहां व्यक्ति की अगर मृत्यु हो जाए तो मृत्यु होने के बाद शांत होना कहा जाता है। यह हमारी आस्था को दर्शाता है।
भगवान कृष्ण से जुड़ी कलाओं का वर्णन करते हुए सीएम ने कहा कलाओं में 64 कला और 14 विद्दा से परिपूर्ण थे भगवान कृष्ण। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने कंस को मारकर शिक्षा ग्रहण करने इसी मध्य प्रदेश की धरती पर आए थे। राजा भोज का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राजा भोज ने एक साथ दो बड़ी-बड़ी सेनाओं के साथ युद्ध किया। वो राज्य गांगेय और तेलप थे, जिसे राजा भोज ने हराया था। फिर उन्होंने मुहावरा का जिक्र करते हुए कहा कि असल मुहावरा कहां राजा भोज कहां गांगेय तेलप था। बाद में इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महापौर मालती राय और एनसीईआरटी के निर्देशक दिनेश प्रसाद सकलानी मौजूद रहे।












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