MP News: अशोक नगर में PCC चीफ जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर क्यों साधा निशाना, जानिए
MP News: 8 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा आयोजित न्याय सत्याग्रह के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा हमला बोला। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह आंदोलन पटवारी के खिलाफ मुंगावली थाने में दर्ज FIR के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसका आधार अशोकनगर जिले के मूडरा बरवाह गांव के निवासी गजराज लोधी की शिकायत थी।
गजराज ने पहले आरोप लगाया था कि बीजेपी कार्यकर्ता विकास यादव और उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें मानव मल खिलाया, लेकिन बाद में उन्होंने शपथ पत्र देकर कहा कि यह आरोप जीतू पटवारी के कहने पर लगाया गया था। इस मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत को गरमा दिया, और पटवारी ने इसे बीजेपी की साजिश और लोकतंत्र को दबाने की कोशिश करार दिया।

जीतू पटवारी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर क्यों साधा निशाना?
जीतू पटवारी ने अपने भाषण में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए कई कारणों का जिक्र किया, जो निम्नलिखित हैं:
सिंधिया की टिप्पणी पर जवाब:
पटवारी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी में अशोकनगर में गजराज लोधी मामले को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। 28 जून 2025 को गुना में एक कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने कहा था, "कांग्रेस का मूल सिद्धांत झूठ बोलना है। जीतू पटवारी ने बहुत निंदनीय काम किया।" इस पर पटवारी ने अशोकनगर के मंच से जवाब देते हुए कहा, "सिंधिया को अपनी टिप्पणी पर शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए। मैंने जो कहा, वह पीड़ित की आवाज को बुलंद करने के लिए था।"
जनहित की आवाज को दबाने का आरोप:
पटवारी ने आरोप लगाया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो गुना-अशोकनगर संसदीय क्षेत्र से सांसद और केंद्रीय मंत्री हैं, जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "ज्योतिरादित्य सिंधिया जनहित की आवाज को दरकिनार कर रहे हैं। जब हम पीड़ितों के लिए आवाज उठाते हैं, तो बीजेपी और उनके नेता हमें झूठा करार देते हैं।" पटवारी ने गजराज लोधी मामले को उठाते हुए कहा कि जब पीड़ित ने उनसे अपनी व्यथा साझा की, तो उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की, लेकिन इसके बजाय उनके खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई।
संविधान और लोकतंत्र पर हमला:
पटवारी ने सिंधिया पर संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 2020 में कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को गिराया और संविधान का अपमान किया। आज वही संविधान की दुहाई देकर जनता की जमीन हथियाने की कोशिश कर रहे हैं।" पटवारी ने एक शेर पढ़कर तंज कसा, "वसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जिंदा हैं तो जिंदा नजर आना जरूरी है।" उन्होंने कहा कि यह शेर सिंधिया ने 2020 में घमंड से पढ़ा था, लेकिन आज वही शेर उनकी हकीकत बयान करता है।
गुना-अशोकनगर में विकास की कमी:
पटवारी ने सिंधिया पर उनके संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सिंधिया जी को जवाब देना चाहिए कि गुना-अशोकनगर में कुपोषण क्यों है? बच्चों को स्कूल, कॉलेज, और स्वास्थ्य सेवाएं क्यों नहीं मिलीं? आप इतने सालों से सांसद रहे, फिर भी क्षेत्र की हालत क्यों नहीं सुधरी?"
पटवारी ने यह भी कहा कि सिंधिया अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं और बीजेपी की सत्ता के दम पर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
FIR को सियासी साजिश करार देना:
पटवारी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को बीजेपी और सिंधिया की सियासी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि गजराज लोधी पर दबाव डालकर उसका बयान बदला गया और उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज की गई। उन्होंने दावा किया, "मैंने गजराज लोधी से कोई गुप्त बात नहीं की। हमारी मुलाकात सार्वजनिक थी, और इसका वीडियो भी उपलब्ध है। अगर सरकार यह साबित कर दे कि मैंने उसे एकांत में ले जाकर कुछ कहा, तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।"
अशोकनगर न्याय सत्याग्रह
न्याय सत्याग्रह का आयोजन अशोकनगर में मुंगावली थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में किया गया था। इस FIR का आधार गजराज लोधी का शपथ पत्र था, जिसमें उसने दावा किया कि पटवारी ने उसे मानव मल खिलाने का झूठा आरोप लगाने के लिए उकसाया।
कांग्रेस ने इसे बीजेपी सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश करार दिया। इस आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जयवर्धन सिंह, साहब सिंह गुर्जर, और अन्य कांग्रेस विधायकों ने हिस्सा लिया। पटवारी ने मंच से कहा, "जहां कार्यकर्ता का पसीना गिरेगा, वहां कांग्रेस नेताओं का खून गिरेगा। हम पीड़ितों की आवाज उठाते रहेंगे, चाहे कितनी भी FIR दर्ज हों।"
ज्योतिरादित्य सिंधिया और जीतू पटवारी का पुराना टकराव
जीतू पटवारी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच यह टकराव नया नहीं है। पहले भी कई मौकों पर पटवारी ने सिंधिया पर निशाना साधा है:
- अप्रैल 2025 में ग्वालियर में: पटवारी ने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी स्कूल की 100 एकड़ जमीन बचाने के लिए बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस सरकार गिराई।
- अक्टूबर 2024 में: पटवारी ने अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर सिंधिया पर हमला बोला, जिसमें उन्होंने कहा कि सिंधिया ने शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन सरकार गिराने के बाद इसे भूल गए।
- मई 2024 में: ग्वालियर में पटवारी के एक बयान पर सिंधिया ने जवाब दिया था कि कांग्रेस का बयान महिलाओं के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शाता है।












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