G-20 Summit: दुनिया भर में संस्कृति के संरक्षण सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण और पुनर्स्थापन पर जोर
जी-20 समूह की खजुराहो में आयोजित बैठक में प्रमुख रुप से चार विषयों पर चर्चा कर सदस्य देशों के बीच सहमति बनाई गइ। इसमें सांस्कृतिक संपति के संरक्षण सहित भविष्य की जीवित विरासत के दोहन और इनसे जुड़ी अर्थव्यवस्थ

संस्कृति सचिव गोविन्द मोहन ने कहा कि दो दिवसीय मंथन में जी-20 के सदस्य देशों सहित अतिथि देशों और बैठक में भाग लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच सहमति बनी है कि इन विषयों को मजबूती से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी देशों ने हमारे प्रस्ताव का समर्थन किया। गोविंद मोहन ने कहा कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि विशेषज्ञ अब वेबिनार के माध्यम से सूक्ष्म स्तर की डिटेलिंग पर काम करेंगे, ताकि अगस्त तक हम एक नई पहल की घोषणा कर सकें और उसके आधार पर एक नया रास्ता तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड किंगडम, मॉरीशस, जापान, सिंगापुर, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कई देशों के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई है।
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सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को फिर से आकार देने आवश्यकता
जी-20 समिट में भारत की अध्यक्षता के तहत संस्कृति कार्य समूह ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणियों में वैश्विक रचनात्मक और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को फिर से आकार देने के लिए दुनिया भर में संस्कृति के संरक्षण को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। दूसरे दिन ज्ञान भागीदार यूनेस्को द्वारा प्रस्तुतियों के साथ-साथ कार्य प्रक्रिया पर प्रस्तुति दी गई।












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