20 साल में पहली बार एमपी में इतना हैवीवेट कैबिनेट, जानिए सीएम मोहन यादव की टीम के मंत्रियों की खासियत

MP News: भाजपा की सरकार 2003 में प्रदेश में बनी थी उसे वक्त उमा भारती के नेतृत्व में भी इतना हैवी वेट कैबिनेट नहीं बना था। तीन दशक से विधानसभा में पहुंचने वाले बाबूलाल गौर जब मुख्यमंत्री बने, तब भी वह इतना मजबूत कैबिनेट नहीं बना सके थे। गौर के बाद शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने तभी इतना मजबूत कैबिनेट नहीं बनाया गया।

डॉ मोहन यादव की कैबिनेट में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री, एक पूर्व भाजपा अध्यक्ष और एक भाजपा के महासचिव शामिल किए गए है। वही ऐसे भी चेहरे हैं जो पांच बार से ज्यादा के विधायक हैं। माना जा रहा है कि यह हैवी वेट कैबिनेट लोकसभा चुनाव से पहले जनता के बीच मोदी सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाएगा। आपको बताते हैं मोहन कैबिनेट के मंत्रियों की खासियत।

For the first time such a heavyweight cabinet, the specialty of the ministers of CM Mohan Yadav team

कैलाश विजयवर्गी बने कैबिनेट मंत्री

कैलाश विजयवर्गीय 1990 से 2018 तक लगातार विधायक रहे इस बार में साध्वी बार विधानसभा पहुंचे हैं इस दौरान में भारतीय और शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में भी काम कर चुके हैं। जनता में उनके पैठ तो चुनाव के जरिए सभी ने देख ली थी, संगठन उन्हें केंद्र में ले गया और उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया वे चार बार से लगातार महामंत्री हैं संगठन के काम में भी उनका कोई सानी नहीं है। वे जनता और संगठन के साथ काम करने का लंबा अनुभव रखते हैं।

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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी बने कैबिनेट मंत्री

जबलपुर से सांसद रह चुके राकेश सिंह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके है। उनका भी जनता और संगठन के बीच में काफी लंबा अनुभव है। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला किया था। संघ और संगठन से उनके संबंध घनिष्ठ हैं।

प्रहलाद पटेल भी बने कैबिनेट मंत्री

प्रहलाद पटेल बाली पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार 1989 में सांसद बने थे। प्रहलाद सिंह पटेल बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़ा नाम माना जाता है। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। अब मोहन कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी निभाएंगे।

पिछले 20 साल में मुख्यमंत्री रहे कैबिनेट से तुलना की जाए तो डॉक्टर मोहन यादव का यह कैबिनेट सुपर कोंबो दिखाई दे रहा है जिसमें पार्टी से लेकर जनता तक की लंबे अरसे से कटौती पर खरे उतरने वाले इतने सीनियर्स लीडर्स को कैबिनेट में जगह दी गई है। इसके साथ ही यह भी ते हो गया कि अब डॉक्टर यादव अपनी कैबिनेट के सुपर सीनियर और पहली बार के विधायक से मंत्री बने नेता मध्य प्रदेश को विकास की रफ्तार के साथ तेजी से आगे ले जाएंगे।

28 विधायकों ने राजभवन में ली मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। सोमवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 28 विधायकों को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें से 18 कैबिनेट मंत्री और 10 राज्य मंत्री हैं। खास बात ये है कि 28 मंत्रियों में 18 नए चेहरे हैं। इनमें से 7 पहली बार के विधायक हैं।

जातीय समीकरणकी बात करें तो 7 मंत्री सामान्य वर्ग से, 11 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 6 एससी और 4 एसटी वर्ग से हैं। 18 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली सबसे पहले कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, उदयप्रताप सिंह ने एक साथ शपथ ली। दूसरी बार में कुंवर विजय शाह, तुलसीराम सिलावट, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग ने शपथ ग्रहण की।

वहीं तीसरी बार में नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, चैतन्य काश्यप, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शपथ ली। चौथी बार में संपतिया उइके ने अकेले शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने राज्यपाल के पैर छुए।

6 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, लखन पटेल, नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल ने एक साथ शपथ ली।

4 राज्य मंत्री

नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, दिलीप अहिरवार ने राज्य मंत्री पद की शपथ एक साथ ली।

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