MP में खाद की किल्लत! बही, आधार कार्ड की फोटो रखकर लगाई लाइन; किसानों ने निकाला अनोखा तरीका
Sehore News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में खाद की किल्लत के चलते किसानों को घंटों कतारों में लगना पड़ रहा है। इसी बीच यहां किसानों ने भी इसका हल निकाल लिया। यहां किसानों ने आधार कार्ड की ही लाइन लगाकर इस समस्या का एक तोड़ ढूंढ़ निकाला है।
जिले के किसान एक तरफ सोयाबीन खराब होने से परेशान है। दूसरी तरफ खाद खाद की कमी के कारण किसानों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है।

खाद विक्रय केंद्रों पर स्थिति इतनी विकट और जटिल हो गई है कि अन्नदाताओं को यहां पर धूप में खड़ा होना पड़ रहा है। स्वयं कतार में खड़े नहीं हो पा रहे हैं तो बही और आधार कार्ड की कतार लगाकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं।
सोयाबीन में बारिश के चलते मुहं की खाने के बाद किसान अपने खेतों से सोयाबीन समटेने में लगे हैं। ताकि अगली फसल के लिए उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़े। किसान अब रबी सीजन की बोवनी की तैयारी में जुड़ गए हैं।
इसके लिए उन्हें खाद की आवश्यकता पड़ रही है और शुक्रवार को जब किसान कृषि उपज मंडी कमेटी में खाद्य विक्रय केंद्र पर आए तो दोपहर 12 बजे तक खाद्य केंद्र ही नहीं खुला था।केंद्रों पर देखा जा रहा है कि किसान खाद लेने के लिए खुद कतार में खड़े न होकर आधार कार्ड और बही की फोटो कॉपी लाइन में लगा दी है।
किसानों का कहना है उनके पास परेशानी उठाने के अलावा कोई चारा नहीं है। किसानों की परेशानी किसी को नहीं दिख रही है। सोयाबीन के खराब होने से खून के आंसू पी रहे किसानों को अभी तक सरकारी मदद का पता नहीं है। वहीं अब अगली फसल के लिए खाद भी नहीं मिल रही है।
बमूलिया के किसान कैलाश विश्वकर्मा का कहना है कि वे सुबह 6 बजे से खाद लेने के लिए लाइन में लगे हुए हैं। लेकिन दोपहर एक बजे तक भी उन्हें खाद नहीं मिली थी।
ग्राम छापरी दोराहा के रमेश मालवीय ने बताया कि वह सुबह 7 बजे से घंटों लाइन में लगे हुए हैं। लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। कई घंटे तक कार्यालय ही नहीं खुला था, गांवों में खाद नहीं मिल रही है, इसलिए वे जिला मुख्यालय पर खाद लेने आए हैं।
इस मामले में एसडीएम तन्मय वर्मा ने का कहना है कि खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लगने की जानकारी मिली है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।












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