MP kisan: किसानों ने आने वाले केंद्रीय बजट से उम्मीदें जताई, बताया- कैसे खेती में लागत बढ़ने से परेशानी बढ़ी

Bhopal News: भोपाल, गल्ला मंडी लक्ष्मी नारायण में मध्य प्रदेश के किसानों ने आगामी बजट से कई उम्मीदें जताई हैं। किसानों ने कहा कि सरकार को खेती की लागत में वृद्धि और फसलों के उचित मूल्य की गारंटी को ध्यान में रखते हुए बजट पेश करना चाहिए, ताकि खेती से जुड़े समस्याओं का समाधान किया जा सके।

किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के बावजूद उन्हें उनके उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती करना अब मुश्किल हो गया है।

Farmers expressed expectations from upcoming Union Budget 2025 told how cost of farming increased

किसान मेवात राम ने बताया कि सरकार लगातार यूरिया और खाद के दामों में वृद्धि कर रही है, जिससे खेती करना बहुत महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि यूरिया और अन्य आवश्यक खादों की कीमतों में वृद्धि से किसानों के लिए अपनी खेती करना एक कठिन कार्य बन गया है। इसके अलावा, सरकार द्वारा तय किए गए समर्थन मूल्य पर भी फसलों की खरीदी नहीं हो रही है, जिससे किसान कठिनाई में हैं। उन्होंने बजट में कृषि समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई।

वहीं, युवा किसान बिट्टू यादव ने कहा कि खेती अब घाटे का सौदा बन गई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा लागू की जा रही योजनाओं से उन्हें कोई खास फायदा नहीं हो रहा, बल्कि इसके कारण किसान कर्ज में डूब रहे हैं। उन्होंने अपनी हालिया धान की खेती का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने ढाई लाख रुपए की लागत लगाई थी, लेकिन उचित मूल्य न मिलने के कारण उन्हें काफी घाटा हो रहा है। बिट्टू यादव ने कहा कि इस बार खेती करने से केवल घाटा ही हुआ है और सरकार के कदम इस समस्या का हल नहीं हो पा रहे।

3100 रुपए प्रति क्विंटल नहीं मिल रहा है दाम

एक अन्य किसान ने कहा कि सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया था, लेकिन यहां मंडी में सिर्फ 2200 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के बीच धान की खरीदी हो रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार के द्वारा घोषित समर्थन मूल्य और असल में किसानों को मिलने वाले मूल्य में भारी अंतर है, जो किसानों के लिए निराशाजनक है।

किसानों का कहना है कि सरकार को कृषि बजट में सुधार और समर्थन मूल्य को बढ़ाने के साथ-साथ खाद-बीज की कीमतों में कटौती करने की आवश्यकता है, तकि किसान कर्ज में डूबने से बच सकें और खेती को मुनाफे का जरिया बना सकें। किसानों का मानना है कि अगर सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में खेती करना और भी कठिन हो जाएगा।

Farmers expressed expectations from upcoming Union Budget 2025 told how cost of farming increased

केंद्रीय बजट 2025: निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना आठवां बजट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार, 1 फरवरी 2025 को अपना आठवां केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण वित्तीय बजट होगा। पिछली बार के चार केंद्रीय बजट और एक अंतरिम बजट पूरी तरह से पेपरलेस रूप में पेश किए गए थे, और इस बार भी यही उम्मीद जताई जा रही है कि यह बजट डिजिटल रूप में ही संसद में पेश किया जाएगा।

आर्थिक स्थिति और बजट की अहमियत

देश की जीडीपी की सुस्त रफ्तार के बीच इस बार का केंद्रीय बजट खास महत्व रखता है। सरकार को इस बजट के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने, निवेश बढ़ाने, और रोजगार सृजन के लिए योजनाएं पेश करनी हैं। इसके अलावा, महंगाई, बेरोजगारी, और कृषि संकट जैसे मुद्दों पर भी सरकार की नीतियों और उपायों की चर्चा हो सकती है।

क्या खास हो सकता है इस बार के बजट में?

विकास और निवेश की योजनाएं: आर्थिक मंदी को देखते हुए बजट में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं सामने आ सकती हैं। खासकर बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

कृषि क्षेत्र पर ध्यान: कृषि संकट और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा नए कृषि उपायों की घोषणा की जा सकती है। इस बार के बजट में कृषि समर्थन मूल्य (MSP), कृषि उत्पादकता, और किसान कल्याण के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं।

नौकरी और रोजगार: बेरोजगारी के संकट को दूर करने के लिए नौकरी सृजन और स्किल डेवलेपमेंट पर जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा, स्वतंत्र रोजगार और स्टार्टअप के लिए अनुकूल नीतियों की भी घोषणा हो सकती है।

मध्यम वर्ग के लिए राहत: इस बार के बजट में मध्यम वर्ग के लिए कर में छूट, संबंधित योजनाओं में बदलाव, और आयकर स्लैब में सुधार के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।

वर्तमान योजनाओं की समीक्षा और सुधार: पिछले बजट में घोषित योजनाओं की समीक्षा की जा सकती है, और उनकी कार्यान्वयन प्रक्रिया में सुधार के लिए नए उपायों की घोषणा हो सकती है।

वित्त मंत्री के लिए चुनौतीपूर्ण समय

निर्मला सीतारमण के लिए यह बजट पेश करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि मौजूदा आर्थिक स्थिति में सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखना होगा। इसमें आर्थिक वृद्धि को गति देने, महंगाई को काबू करने, और विकास को बढ़ावा देने के लिए सही नीतियों का चुनाव करना बहुत अहम होगा।

आखिरकार, इस बार का बजट सरकार के लिए एक अवसर है ताकि वह जनता और उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख मुद्दों का समाधान कर सके और भविष्य की योजनाओं को मजबूती से लागू कर सके। बजट की घोषणाओं का असर केवल वित्तीय वर्ष पर नहीं बल्कि देश की समग्र आर्थिक स्थिति पर भी लंबी अवधि तक रहेगा।

सभी की नजरें 1 फरवरी 2025 को होने वाली इस केंद्रीय बजट पर हैं, जो देश की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+