Guna: फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाले 4 शिक्षक बर्खास्त, शिक्षा विभाग ने FIR के लिए लिखा पत्र
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Guna News: मध्य प्रदेश के गुना जिले में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाकर शिक्षक बने 4 लोगों पर कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय से कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद 4 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। अब आरोपी शिक्षकों पर एफआईआर करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी अनुसार इस फर्जीवाड़े में दो टीचर पहले ही बर्खास्त किये जा चुके हैं। कमिश्नर लोक शिक्षा ने बीते सात अगस्त को गुना सहित 13 अन्य जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। निर्देश में उन टीचरों की सूची भी संलग्न की गई थी। जिनके दिव्यांग प्रमाण पत्र नकली थे।

बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 66 टीचरों के सर्टिफिकेट को लेकर ग्वालियर के शासकीय अस्पताल से जानकारी मांगी थी। शासकीय अस्पताल ग्वालियर के प्रबंधन की ओर से जवाब दिया गया था कि उनके द्वारा कोई भी दिव्यांग सर्टिफिकेट नहीं जारी किया गया।
शिक्षक रोहित मरैया (प्राथमिक शिक्षक शासकीय स्कूल मूंदौल), हर्षद तिवारी (शासकीय प्राथमिक विद्यालय चिरोला आरोन), विवेक सिंह धाकड़(शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिगरा अहमद आरोन) में पदस्थ हैं। शिक्षक वचन सिंह रावत (प्राथमिक शिक्षक शासकीय हाईस्कूल कपासी) दिव्यांगजन अधिनियम 2016 की धारा 91 के तहत फर्जी सर्टिफिकेट वाले शिक्षकों को कम से कम 2 साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करने के मामले में 7 साल की सजा का प्रावधान है।
जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से आदेश प्राप्त हुए थे। आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए संबंधित थाने को लिखा गया है।
आपको बताते चलें कि ग्वालियर से जारी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्त हो करके गुना जिले के स्कूलों में यह सभी शिक्षक के रूप में नौकरी कर रहे थे। आरोपी शिक्षकों की बर्खास्तगी से गुना जिले के शिक्षकों में हड़कंप मचा है।












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