MP News: ई-उपार्जन पोर्टल पर इस तारीख तक होगा चना फसल का पंजीयन, किसान हो जाएं तैयार
मध्यप्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर रबी मौसम 2024-25 में चना फसल का 20 फरवरी 2025 से 10 मार्च 2025 तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्र पर पंजीयन करवाकर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेवें।
किसान, चना फसल का पंजीयन ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत में स्थापित सुविधा केन्द्रों, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र एवं एम.पी. किसान एप आदि पर पंजीयन की निः शुल्क व्यवस्था है।

पंजीयनः-
चना फसल का पंजीयन जिले के निर्धारित 18 पंजीयन केन्द्रों पर कार्यालयीन समय में ई-उपार्जन पोर्टल पर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते है। किसान के विगत वर्ष के पंजीयन में उल्लेखित आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर में किसी प्रकार के परिवर्तन/संशोधन की आवश्यकता होने पर संबंधित दस्तावेज प्रमाण स्वरूप (जिनको देखकर पंजीयन किया जा सके) पंजीयन केन्द्र पर लाना होगे।
जिन किसानों द्वारा विगत रबी एवं खरीफ में पंजीयन नहीं कराया गया था एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर उनका डाटाबेस उपलब्ध नहीं है, ऐसे किसानों को समिति स्तर पर पंजीयन हेतु आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर एवं निर्धारित प्रारूप में आवेदन पंजीयन केन्द्र पर उपलब्ध कराना होगा।
किसानों को भुगतान जीआईटी (JIT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में किया जाना है। इस कारण किसान पंजीयन में केवल राष्ट्रीयकृत एवं जिला केन्द्रीय बैंक की शाखाओं के एकल खाते ही मान्य होंगे। जन-धन, ऋण, नाबालिग, बन्द एवं अस्थायी रूप से रोके गए खाते (विगत 6 माह से क्रियाशील नहीं हों) आदि पंजीयन में मान्य नहीं होगे।
किसान द्वारा बोई गई फसल की किस्म, रकबा तथा विक्रय योग्य मात्रा की जानकारी भी प्राप्त कर आवेदन में दर्ज की जाए। किसान पंजीयन में बैंक खाता में संशोधन एवं नवीन खाते की प्रविष्टि की कार्यवाही ओटीपी (OTP) आधारित e-authentication प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकेगा। किसान का नाम, बैंक खाता, मोबाईल नंबर की जानकारी विगत वर्ष के ई-उपार्जन पर किए गए किसान पंजीयन डाटाबेस से तथा भूमि का रकबा एवं बोई गई फसल/फसल की किस्म विवरण गिरदावरी से लिया जाएगा। गिरदावारी किसान एप को एन्ड्रायड बेस्ड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। एप डाउनलोड होने के उपरांत किसान पंजीयन हेतु सर्वप्रथम ग्राम एवं खसरा का चयन करना होगा, जिसमें आधार से लिंक खसरे को ही पंजीयन में जोड़ा जा सकेगा।
खसरे में उल्लेखित रकबा, फसल एवं फसल की किस्म से सहमत होने पर किसान के आधार नंबर से ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन किया जाएगा तथा किसान का मोबाईल नंबर, आधार नंबर एवं बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि की जाएगी। गिरदावरी किसान एप से पंजीयन के समय किसान की बैंक की पास बुक (प्रथम पृष्ट जिसमें बैंक खाते का विवरण हो) को स्केन कर अपलोड करना होगा। पंजीयन हेतु कृषकों को खसरा अथवा वन अधिकार पट्टे इत्यादि में से कोई एक दस्तावेज साक्ष्य की स्वप्रमाणित छायाप्रति/फोटोकॉपी की आवश्यकता है। पृथक से राजस्व विभाग के प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं है। सिकमीधारी कृषक एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल समिति स्तर पर होगी उपलब्ध होगी। वनाधिकारी पट्टाधारी/सिकमीदार किसानों को वन पट्टा एवं सिकमी अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराना होगी। पंजीयन हेतु कृषक का एक ही बैंक खाता पर्याप्त है, दूसरे बैंक खाते की आवश्यकता नहीं है।
यदि कोई कृषक निर्धारित अन्तिम 10 मार्च 2025 तक पंजीयन नहीं करवाऐंगें तो शासन की उपार्जन व अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित रह जायेंगे। कृषक बंधुओं से आग्रह है कि कृषक अपने पंजीयन हेतु वांछित समस्त दस्तावेजों तथा अपने मोबाईल के साथ पंजीयन केन्द्र आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था- राणापुर, रजला, पारा, कालीदेवी, झाबुआ, कल्याणपुरा, पेटलावद, रायपुरिया, बामनिया, झकनावदा, सारंगी, करवड़, नौगावा, मठमठ और बोलासा तथा सहकारी विपणन संस्था मर्या.- मेघनगर, थांदला, पेटलावद जिला झाबुआ पर तत्काल पहुंचकर पंजीयन करावें। पंजीयन हेतु जिले में 18 निर्धारित पंजीयन केन्द्रों में सम्पर्क कर पंजीयन करवा सकते है।
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