बुंदेलखंड के गर्भ में दबा है क्या पेट्रोलियम का भंडार? 6 साल से दमोह जिले में ONGC कर रही खोज
मध्य प्रदेश के दमोह व पन्ना जिले पठारी इलाके होने के कारण यहां पेट्रोलियम (petroleum) के भंडार हो सकते हैं। बीते 6 साल से ONGC व सहयोगी कंपनियां यहां प्राकृतिक गैस व तेल (Natural Gas and Oil) की तलाश में जुटी हैं। कोरोना काल के पहले जबेरा और नोहटा में कई जगह कूप खोदकर खोज की जा चुकी है, अब हटा ब्लॉक में कंपनी पेट्रोलियम पदार्थ तलाश रही है।

बता दें कि पूर्व के सालों में ओएनजीसी ने जिले में दो जगह गैस के कूप खोजे थे, लेकिन गैस का इस्तेमाल करने को लेकर कार्ययोजना धीमी पड़ गई थी। कोरोना का दौर समाप्त होने के बाद एक बार फिर ओएनसीजी सक्रिय हुई है। ओएनजीसी के अधिकारियों के मुताबिक हटा क्षेत्र में तेल और गैस की खोज के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा है। कई लोकेशन हैं। जहां पर पेट्रोलियम पदार्थों की खोज की जाना है।
पन्ना व दमोह में पठार हैं इसलिए संभावनाएं भी हैं
पेट्रोलियम के जानकारों के अनुसार बुंदेलखंड में दमोह और पन्ना पठार के कुछ हिस्से में आते हैं, पठार में ही खनिज पाया जाता है। इसलिए नैचुरल गैस और ईंधन मिलने की संभावनाएं यहां पर ज्यादा हैं। जानकार बताते हैं कि घरती पर दो तरह के जैव पाए जाते हैं, जिसमें जीव और वनस्पति शामिल हैं। भूगौलिक हलचल के कारण जीव और वनस्पति दब जाती हैं और आपसी संयुक्त प्रक्रिया के चलते यह कोयले में बदल जाती है। हलचल के बाद इनके शरीर की वसा निकल कर अवसादी शैल में एकत्रित हो जाती है। बाद में इसे खुदाई करके पेट्रोलियम और तरल पदार्थ निकाले जाते हैं।












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