CCTV कैमरे में कैद डिप्टी रेंजर की होशियारी, यूं ली रिश्वत... वीडियो वायरल
रिश्वत कांड के वीडियो वायरल होते ही दक्षिण वन मंडल के डीएफओ विजयनांथम टीआर ने तुरंत एक टीम बनाकर जांच करवाई जिसमें प्राथमिक तौर पर दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है।
Betul News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वनकर्मियों के खुलेआम भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल हो रहा है।जिसके बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। रिश्वत लेते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए वन विभाग के तीन कर्मचारियों को डीएफओ (DFO) ने निलंबित कर दिया है। [वीडियो नीचे]
आमला रेंज की महिला डिप्टी रेंजर ओर उनके दो सहयोगी बीट गार्ड अवैध खनन में पकड़ी गई जेसीबी मशीन को छोड़ने के बदले में रिश्वत लेते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गये।

रिश्वत का यह पूरा मामला बड़ा ही रोचक है। दक्षिण वन मण्डल की आमला रेंज की बरसाली सर्किल के सोहागपुर गांव में कोपरा (मुरम) का उत्खनन करते हुए वन कर्मियों ने एक जेसीबी मशीन पकड़ी थी। जिसे छोड़ने के लिए अवैध उत्खनन करता से वन कर्मियों ने एक बड़ी रकम की मांग की गाई लेकिन अवैध खननकर्ता से कुछ हजार में मामला तय हुआ।
अवैध खननकर्ता ने तीनों वन कर्मियों को एक होटल में रिश्वत की यह रकम सौंपी जो कि होटल में लगे अलग अलग सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। रिश्वत कांड के वीडियो वायरल होते ही दक्षिण वन मण्डल के डीएफओ विज्याननन्तम टी आर ने ने तुरंत एक टीम बनाकर जांच करवाई जिसमे प्राइमाफेसि डिप्टी रेंजर सीमा चौकीकर ओर बीट गार्ड अभिषेक दीक्षित ओर पंकज सातनकर को दोषी पाए जाने पर तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
पूर्व में भी निलंबित हो चुकी है डिप्टी रेंजर
आमला की स्थानीय निवासी डिप्टी रेंजर पर पूर्व में भी निलंबन की कार्यवाही हो चुकी है। उक्त प्रकरण में डिप्टी रेंजर को मूलताई स्थानांतरित किया था परंतु तात्कालीन सीसीएफ की सामाजिक होने और विशेष कृपा पात्र होने के चलते सीसीएफ के दबाव में डीएफओ को वापस आमला रेंज में ही ट्रांसफर करना पड़ा था।












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