MP: मांमा-भांजा बने ’ठग्स ऑफ़ दमोह, फ्यूचर मेकर कंपनी बनाकर युवाओं से करोड़ों की ठगी
सागर, 8 सितंबर। मप्र के दमोह शहर में काॅर्पोरेट कल्चर का लकदक दिखाकर फ्यूचर मेकर कंपनी खोलकर मामा-भांजे व अन्य सदस्यों ने सैकड़ों युवाओं को सुनहरे भविष्य के सपने दिखाकर करोड़ों रुपए ठग लिए। हालांकि सीएमडी फिलहाल जेल में है। कोर्ट के आदेश के बाद युवाओं का पैसा वापस करने के लिए एक निवेशक को करीब 12 करोड़ रुपए के चेक दिए थे, ये भी बाउंस हो गए। कंपनी के गड़बड़ घोटाले में बराबरी से शामिल रहे सीएमडी के भांजे को कोर्ट ने प्रस्तुत होने का आदेश दिया है। यदि वे कोर्ट में पेश नहीं हुए तो उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो सकता हैं। मामला स्थानीय कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।

दमोह जिले में कुछ साल पहले काफी जोरशोर से युवाओं को निवेशक के तौर पर जोड़ने और निवेश कराने के सपने दिखाकर राधेश्याम सुथार नाम के व्यक्ति ने फ्यूचर मेकर नाम की कंपनी खोली थी। कंपनी का एक साल में ही कारोबार करोड़ों में पहुंच गया था। कंपनी युवाओं के पैसों को निवेश बाजार में डालकर मोटा मुनाफा देने का लालच देती थी। एक दिन पता चला कि कंपनी युवाओं के करोड़ों रुपए डकार कर गाब हो गई। ठगे युवा और उनके परिजन एकत्रित हुए और मामला पुलिस में पहुंचा था। मामले में पड़ताल के बाद कंपनी के सीएमडी सुरेश कुमार सुथार को जेल भेज दिया गा था।
सीएमडी सुरेश ने भांजे के माध्यम से 12 करोड़ के चेक दिए थे, बाउंस हो गए
फ्यूचर मेकर कंपनी के सीएमडी राधेश्याम सुथार सुथार ने निवेशकों का सैटलमेंट करने के कोर्ट के आदेश के बाद अपने भांजे सुरेश कुमार व रवींद्र कुमार के माध्यम से निवेशक व युवाओं की तरफ से अगुवाई कर रहे प्रतिनिधि विजय दुबे के नाम से 12 करोड़ रुपए के चेक जारी किए थे। ये चेक बैंक से बाउंस हो गए हैं। इसके बाद एक बार फिर निवेश करने वाले युवाओं ने कोर्ट की शरण ली और मामले को कोर्ट में रखते हुए बताया कि सारे चेक बाउंस हो गए हैं।
कोर्ट ने ठग मामा के ठग भांजों को प्रस्तुत होने का आदेश दिया
दमोह जिला कोर्ट ने ठग कंपनी के मुखिया सीएमडी राधेश्याम सुथार के भांजे सुरेश कुमार और रवींद्र कुमार को कोर्ट में अगली पेशी पर प्रस्तुत होने का आदेश दिया है। निवेशक विजय दुबे के नाम से ये चेक व एग्रीमेंट किया गया था, इसलिए विजय ने यह मामला दमोह कोर्ट में दाखिल किया है। चूंकी मामला करोड़ों की ठगी और कोर्ट के आदेश से सेटलमेंट से जुड़ा है और चेक बाउंस हो गए थे। इस मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है और सख्त आदेश देते हुए भांजों को कोर्ट में प्रस्तुत होने का आदेश दिया है। विजय दुबे के अधिवक्ता मनीष नगाईच ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी के अधिकारियों के खिलापफ पूर्व में ही आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। इसमें विवेचना के बाद कंपनी के सीएमडी सहित 4 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। सीएमडी राधेश्याम जेल में है। बाकी पदाधिकारियों कि गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। चेक बाउंस होने के बाद याचिकार्ता की तरफ से कंपनी की संपत्तियां सीज करवाने के लिए कोर्ट में आवेदन लगाया है। एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगाई गई है।












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